आईवीआरआई ने विकसित की नई किट, रक्त से छह घंटे में कैंसर की पहचान संभव

बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के वैज्ञानिकों ने रक्त के नमूनों से कैंसर की पहचान करने के लिए मल्टीपल एंटीजन ELISA किट विकसित की है। इस किट का परीक्षण कुत्तों पर सफल रहा है और यह शुरुआती स्टेज में ही कैंसर का पता लगाने में सक्षम है। किट केवल छह घंटे में परिणाम देती है।
वैज्ञानिकों ने वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आर.के. चितलांगिया के सहयोग से मानव रक्त के 100 नमूनों का भी परीक्षण किया। सभी परिणाम सकारात्मक रहे। डॉ. चितलांगिया ने इस शोध का दायरा बढ़ाकर 1,500 से 2,000 लोगों के नमूनों पर जांच की सलाह दी है।
सात वर्षों की मेहनत का नतीजा
IVRI के इम्यूनोलॉजी विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सोनल और डॉ. समीर श्रीवास्तव की टीम ने सात साल की शोध के बाद यह किट विकसित की है। डॉ. सोनल के अनुसार, कैंसर से मृत्यु दर कम करने के लिए समय पर पहचान और निदान बेहद जरूरी है। यही उद्देश्य इस शोध का आधार रहा।
कैंसर बायोमार्कर की एकसाथ पहचान
डॉ. सोनल ने बताया कि यह मल्टीपल एंटीजन ELISA किट कैंसर से जुड़े कई बायोमार्कर को एक साथ पहचानने में सक्षम है। केवल रक्त परीक्षण से ही कैंसर की शुरुआती आशंका जताई जा सकती है।
जल्दी पहचान, प्रभावी इलाज
विकसित किट रूटीन स्क्रीनिंग में भी इस्तेमाल की जा सकती है। जितनी जल्दी कैंसर की पहचान होगी, इलाज उतना ही प्रभावी होगा। डॉ. सोनल ने यह भी बताया कि प्रयोगशाला में कैंसर वैक्सीन और टारगेटेड थेरेपी के विकास पर शोध जारी है। साथ ही, कैनाइन मैमरी कैंसर की कई सेल लाइनों के विकास में भी सफलता मिली है, जो भविष्य में इलाज और अनुसंधान में अहम भूमिका निभाएंगी।
कुत्तों में कैंसर बढ़ रहा है
डॉ. सोनल के अनुसार, हाल के वर्षों में कुत्तों में कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। लंबे समय तक प्रदूषण और हानिकारक रसायनों के संपर्क में रहने, उम्र बढ़ने, प्रतिरोधक क्षमता में कमी, असंतुलित आहार और अनुवांशिक बदलाव इसकी मुख्य वजहें हैं।
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