सकुशल संपन्न हुई कांवड़ यात्रा !

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर से होकर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों के कांवड़िये गुजरे।
- शिव चौक और अन्य स्थानों पर सामने आए विवादों को पुलिस और प्रशासन ने संयम व सूझबूझ से नियंत्रित किया।
करोड़ों हिंदुओं की आस्था का पर्व शिवरात्रि पवित्र नदियों से लाए गए जलाभिषेक के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर निकलने वाली कांवड़ यात्रा में गोमुख व हरिद्वार से गंगाजल लेकर मुजफ्फरनगर जनपद हो कर गुजरे। कांवड़ यात्रा में मुजफ्फरनगर का विशेष महत्व इसलिए है कि यहां से राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि दूरस्थ स्थानों के शिवभक्त हो कर जाते हैं। कांवड़ यात्रा में मुजफ्फरनगर की महत्ता इसलिए भी सिद्ध है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर के हृदय स्थल शिव चौक का हेलिकॉप्टर से चक्कर लगाया और कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा की।
कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न और सुचारू बनाने के लिए लिए जिला अधिकारी उमेश मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पालिका परिषद चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया पूरी कांवड़ यात्रा की अवधि में सतर्क और सक्रिय रहे।
इन सभी ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्था को जानने-परखने के लिए कई बार निरीक्षण और दौरे किए।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को सुगम, निर्विघ्न बनाने के लिए जिले को 9 जोन, 81 सेक्टरों में बांटा। 18 वाच टावर बनाए, यातायात प्रबंधन के लिए 156 डिवाइडर, ग्रामीण क्षेत्रों में 7200 लाइटें, 200 से अधिक हैंडपंप, 52 वाटर कूलर, 54 सामुदायिक, 51 अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की। स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग के फर्स्ट एड स्थलों के साथ 57 एंबुलेंस तैनात कीं। बिजली व्यवस्था की देखरेख के लिए विद्युत विभाग के कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहे। निगरानी के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए और शिव चौक स्थित कंट्रोल रूम दिन-रात सक्रिय रहा।
कानून व्यवस्था के लिए कांवड़ यात्रा के दौरान 2 एएसपी, 6 क्षेत्राधिकारी, 30 इंस्पेक्टर, 80 दरोगा, 400 कांस्टेबिल, अन्य जिलों से बुलाए गए 1800 कांस्टेबिल, 5 कंपनी पीएसी, एक कंपनी सीआरपीएफ, एक कंपनी आरएएफ तैनात रही।
यह हर्ष का विषय है कि छोटी-मोटी दुर्घटनाओं को छोड़ कर कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हो गई। अधिकारियों ने कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलतापूर्वक धैर्य से इसे संपन्न कराया। दुर्भाग्य से यात्रा के आरंभ में गाजियाबाद के कांवड़िये मोहन ने शिव चौक पर मोटर साइकिल के छू जाने पर भारी हंगामा बरपा किया और पुलिस की वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली किन्तु पुलिस ने कुशलता से स्थिति पर नियंत्रण किया। यह कांवड़िया बेगराजपुर में तीन दिनों तक डेरा जमाये पड़ा रहा जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर आगे रवाना किया। इसी प्रकार मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक के पास बर्फ खाने में लगने वाले कांवड़ शिविर को लेकर हंगामा बरपा हुआ। वहां राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हद दर्जे की सहनशीलता और संयम दिखा कर स्थिति को विस्फोटक होने से बचाया। कांवड़ यात्रा एक प्रकार से प्रशासन व पुलिस की अग्नि परीक्षा है। राज्य मंत्री, प्रशासन व पुलिस इस परीक्षा में पास हुए हैं।
गोविंद वर्मा
संपादक 'देहात'
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