कपसाड़ कांड: सुनवाई में पारस सोम की उम्र पर सवाल, स्कूल शिक्षक को कोर्ट ने तलब किया

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र पर बृहस्पतिवार को एससी-एसटी कोर्ट में सुनवाई हुई। उम्र के पुख्ता सबूत न होने के कारण अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 31 जनवरी निर्धारित की है।
कोर्ट ने स्कूल के शिक्षक को रिकॉर्ड के साथ तलब किया है, जिससे पारस सोम की जन्मतिथि और नाबालिग होने का निर्धारण किया जा सके। अदालत में दोनों पक्षों के दावे सुने जाएंगे और आरोपी की उम्र तय की जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि
8 जनवरी को कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या के बाद उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन बाद मुख्य आरोपी पारस सोम को रुड़की से गिरफ्तार किया और रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया। तब से पारस जेल में बंद है।
पारस सोम के परिजन और अधिवक्ता का दावा है कि वह नाबालिग है। इस आधार पर पारस के वकीलों ने 14 जनवरी को एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी दायर की थी, जिसमें मामले को किशोर न्याय बोर्ड में स्थानांतरित करने की मांग की गई। इस अर्जी के साथ पारस का आधार कार्ड, जनता आदर्श इंटर कॉलेज कपसाड़ का परिचय पत्र और हाईस्कूल की अंकतालिका प्रस्तुत की गई, जिसमें जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज थी।
आगे की सुनवाई
बृहस्पतिवार की सुनवाई में अदालत ने पुख्ता साक्ष्य जुटाने के लिए गवाहों को तलब किया और सुनवाई 31 जनवरी तक स्थगित कर दी। जनता आदर्श इंटर कॉलेज के शिक्षक को रिकॉर्ड के साथ पेश होने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने अभियोजन और वादी पक्ष दोनों को नोटिस भेजे हैं, साथ ही रूबी के परिजनों को भी अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.