सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों से विदा हुए शहीद नमांश स्याल

दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से शहीद हुए नागपुर के विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर रविवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित गगल हवाई अड्डे पर पहुंचा। विशेष भारतीय वायुसेना विमान से लाए गए नमांश की अंतिम यात्रा में उनके माता-पिता, पत्नी विंग कमांडर अफशां और उनकी सात वर्षीय बेटी भी साथ थीं।
कांगड़ा एयरपोर्ट से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पटियालकर ले जाया गया, जहां मोक्षधाम में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
साल 2025 के दुबई एयर शो में तेजस एलसीए क्रैश और आग लगने के बाद भारतीय वायुसेना ने उनके निधन की पुष्टि की थी। उनके पैतृक गांव के लोग और स्कूल मित्र अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए। स्थानीय निवासी संदीप कुमार ने कहा, “नमांश हमारे छोटे भाई की तरह थे। उनका अचानक निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। हम उनसे 3-4 महीने पहले मिले थे, जब वह गांव आए थे।”
उनके स्कूल मित्र पंकज चड्ढा ने कहा, “हमने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया। नमांश ने हमेशा हमारे स्कूल और गांव का गौरव बढ़ाया। हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे।”
नमांश की चिता को उनके चचेरे भाई द्वारा मुखाग्नि दी गई। उनके पास कोई सगा भाई नहीं था। उनकी पत्नी अफशां, जो वायुसेना में पायलट हैं, और उनकी बेटी कोलकाता में प्रशिक्षण पर थीं। उनकी माता-पिता सैलूर में बेटी की देखभाल कर रहे थे।
गांव में उनके अंतिम संस्कार के दौरान शोक व्यक्त करने वालों की भारी भीड़ जुटी। उनके चाचा मदन लाल ने कहा, “वह बहुत ही ईमानदार और सीधा-सादा लड़का था। यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है।”
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