मेरठ सेंट्रल मार्केट विवाद: व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता हाउस अरेस्ट

HIGHLIGHTS
- मेरठ में सेंट्रल मार्केट को लेकर चल रहा विवाद लगातार तेज होता जा रहा है।
- प्रस्तावित “हल्ला बोल” आंदोलन से पहले पुलिस ने संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया।
- यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई, ताकि रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को रोका जा सके।
- सूत्रों के मुताबिक, शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर पुलिस ने यह कदम उठाया।
- बताया जा रहा है कि पहली बार शहर के इतिहास में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष को इस तरह हाउस अरेस्ट किया गया है।
- इसके साथ ही पुल…
मेरठ में सेंट्रल मार्केट को लेकर चल रहा विवाद लगातार तेज होता जा रहा है। प्रस्तावित “हल्ला बोल” आंदोलन से पहले पुलिस ने संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई, ताकि रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को रोका जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर पुलिस ने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि पहली बार शहर के इतिहास में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष को इस तरह हाउस अरेस्ट किया गया है।
इसके साथ ही पुलिस ने सपा विधायक अतुल प्रधान और अन्य कई नेताओं सहित 20 से अधिक लोगों के खिलाफ नौचंदी थाने में तस्करा दर्ज किया है और उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद द्वारा की जा रही सीलिंग और ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ ने आवास विकास कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी की थी। लेकिन इससे पहले ही भारी पुलिस बल ने देर रात नवीन गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उन्हें नजरबंद कर दिया।
बाद में नवीन गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी पुष्टि की और बताया कि पुलिस के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन की आड़ में शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते थे। उन्होंने कहा कि शहर हित को देखते हुए रविवार का धरना फिलहाल स्थगित किया गया है और व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि 665 यूनिट्स से जुड़े व्यापारियों के मुद्दों को हर स्तर पर उठाया जाएगा।
इधर, व्यापारियों की समस्याओं को लेकर नवीन गुप्ता ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों को सही ढंग से अदालत में प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में अनुभवी वकीलों की नियुक्ति की जाए ताकि व्यापारियों की स्थिति स्पष्ट रूप से रखी जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो इसका असर अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार के साथ हैं, लेकिन व्यापारियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
उधर, पुलिस ने सेंट्रल मार्केट धरना प्रदर्शन में शामिल होने और कथित भड़काऊ बयान देने के आरोप में कई नेताओं पर कार्रवाई तेज कर दी है। जिन लोगों के खिलाफ तस्करा दर्ज किया गया है, उनमें सपा विधायक अतुल प्रधान, कई कांग्रेस और व्यापारी संगठन से जुड़े नेता शामिल हैं। कुछ भाजपा नेताओं के नाम भी सूची में बताए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस ने उनकी पुष्टि सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेशों के पालन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही है।
वहीं, नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अतुल प्रधान ने कहा कि वे व्यापारियों के साथ खड़े हैं और इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। जबकि अन्य नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही है।























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