मेरठ: 'मर जाऊंगी...पर दुकान सील न होने दूंगी', अफसरों के आगे गिड़गिड़ाती रही महिला

मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में बुधवार को आवास विकास परिषद की टीम द्वारा दुकानों को सील करने की कार्रवाई ने बाजार में दहशत और आक्रोश फैला दिया। करीब 40 साल पुराने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सरकारी ताले लगते देख व्यापारी भावनात्मक रूप से टूट गए।
साधना शर्मा का दर्द और संवेदनशील दृश्य
साहिल प्लाजा में स्थित शर्मा कलेक्शन की मालकिन साधना शर्मा ने अपनी दुकान बचाने की पूरी कोशिश की। वह अधिकारियों से गिड़गिड़ाती रहीं, रोते हुए कहा, “यह मेरे पूरे जीवन की कमाई है। इसे उजड़ते कैसे देख लूं? मैं मर जाऊंगी, लेकिन दुकान पर सील नहीं लगने दूंगी।”
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि उन्हें कानून के अनुसार कार्रवाई करनी है। अंततः साधना शर्मा कुछ पीछे हटीं, लेकिन काफी देर तक दुकान के बाहर जमीन पर बैठकर अपने व्यवसाय को निहारती रहीं।
व्यापारी अशोक गिरधर बेहोश, बाजार में अफरा-तफरी
गिरधर क्लॉथ हाउस के मालिक अशोक गिरधर अपनी दुकान पर ताले लगते देख सदमे में आ गए और अचानक बेहोश हो गए। उनके परिवार ने भी स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की। सूचना पाकर मौके पर सपा विधायक अतुल प्रधान अपनी टीम के साथ पहुंचे और व्यापारी को एम्बुलेंस से अस्पताल भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति में सुधार बताया।
सीलिंग की कार्रवाई और मार्केट की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, आवास विकास परिषद ने शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट के 44 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। इसमें बड़े शोरूम, कॉम्प्लेक्स, छह अस्पताल, छह स्कूल और चार बैंक्वेट हॉल शामिल थे।
आरोप है कि इस बाजार से लगभग 20 करोड़ रुपये प्रतिमाह का कारोबार होता था। कार्रवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सात अलग-अलग टीमों ने मिलकर कार्रवाई की।
शास्त्रीनगर स्कीम नंबर सात के तहत आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को सुप्रीम कोर्ट ने 26 जनवरी को अवैध घोषित किया था। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा दायर याचिका के बाद, सोमवार को इन 44 भवनों की सूची आवास विकास परिषद को सौंप दी गई थी।
व्यापारियों का विरोध और तनाव
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान व्यापारी सड़कों पर बैठकर विरोध और नारेबाजी करते रहे। अशोक गिरधर के बेहोश होने के बाद कार्रवाई कुछ समय के लिए रुकी रही।
अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और शाम तक सभी मामलों में कार्रवाई पूरी कर दी।
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