मुजफ्फरनगर: हिंडन नदी पर संकट, पानी में ऑक्सीजन शून्य, जलीय जीवन पर खतरा

मुजफ्फरनगर। शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली हिंडन (हरनंदी) नदी अपने उद्गम स्थल से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर पहुंचते ही पूरी तरह आक्सीजन-मुक्त हो गई है। इसका मतलब है कि नदी का पानी जलीय जीवों के लिए अब जीवनदायिनी नहीं रह गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका मुख्य कारण आसपास फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक युक्त अपशिष्ट पानी और कस्बों व गांवों का सीवेज है, जो नदी में मिलकर गंभीर प्रदूषण पैदा कर रहा है।
शोध यात्रा और पौधरोपण अभियान
भारतीय नदी परिषद के संस्थापक रमनकांत त्यागी के नेतृत्व में शिवालिक पहाड़ियों से शुरू हुई हिंडन नदी शोध यात्रा रविवार को आरंभ हुई और सोमवार को मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल क्षेत्र में न्यामू गांव तक पहुंची। यहां हिंडन नदी पुल के पास पौधरोपण किया गया और ग्रामीणों को नदी की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
यात्रा धनसैनी गांव होते हुए तितावी गांव तक जारी रही, जहां आइपीएल ग्रुप की चीनी मिल से निकलने वाले नाले के पानी के नमूने लिए गए। तितावी में शोध टीम ने मिल से गिरने वाले पानी की भी जांच की। लगभग 150 किलोमीटर की इस यात्रा में लिए गए सभी पानी के नमूनों में आक्सीजन की मात्रा शून्य पाई गई।
पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट, देहरादून के विज्ञानी प्रियांशु गुप्ता और प्रेम नारायण ने पानी की जांच में यह गंभीर स्थिति दर्ज की।
यात्रा में पौधरोपण और स्थानीय भागीदारी
यात्रा के दौरान सदभाव मंडप परिसर में रमनकांत त्यागी, वरदान चौधरी, पूर्व प्रधान शिवराज सिंह, अश्विन चौधरी, नितिन स्वामी, पुष्पेंद्र आर्य, गौरव शर्मा, अजवेंद्र चौधरी और अंशुल ने पौधरोपण किया। इसके बाद शोध यात्रा बुढ़ीना कलां, चरौली, सिसौली, हड़ौली, कुटबा-कुटबी, पलड़ा-पलड़ी, शाहपुर और भसाना गांव तक पहुँची।
बिहार और करनाल से पर्यावरण प्रेमियों की सहभागिता
शोध यात्रा में बिहार के जमुई जिले के बुकार गांव निवासी नंदलाल और ढेकड़ी गांव के गिरीशचंद पांडेय, तथा करनाल से डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विज्ञानी देवेंद्र सोलंकी भी शामिल हुए। नंदलाल और पांडेय ने बताया कि वे भारतीय नदी परिषद के सहयोग से बिहार की 32 नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं।
हिंडन नदी के पानी की गुणवत्ता (प्रारंभ से तितावी तक)
| स्थान | पीएच | टीडीएस | आक्सीजन (mg/L) |
|---|---|---|---|
| उद्गम स्थल, शिवालिक | 8.20 | 256 | 8 |
| गांव परागपुर, सहारनपुर | 7.83 | 1617 | 0 |
| नरहड़ा खुर्द | 7.72 | 512 | 0 |
| गांव न्यामू, मुजफ्फरनगर | 7.48 | 448 | 0 |
| तितावी, चीनी मिल का नाला | 6.23 | 1453 | 0 |
| तितावी, हिंडन नदी | 7.65 | 453 | 0 |
शोधकर्ताओं ने चेताया है कि यदि नदी में प्रदूषण को रोकने के उपाय तुरंत नहीं किए गए, तो कभी जीवनदायिनी रही हिंडन नदी भविष्य में पूरी तरह मृत घोषित हो सकती है।
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