ओडिशा में बढ़ी सियासी गरमाहट, युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर किया प्रदर्शन

भुवनेश्वर। ओडिशा में हाल ही में हुई दो घटनाओं ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है। शनिवार को युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री मोहन चारण मझी के आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारियों में नाकाम हैं और राज्य में बढ़ती हिंसा और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार पर चुप्पी साधे हुए हैं।
प्रदर्शन के पीछे की वजह
युवा कांग्रेस ने दो हालिया घटनाओं को इस प्रदर्शन का कारण बताया। धेनकानाल जिले में एक पादरी पर हमला हुआ, जिसमें उन्हें सीवेज का पानी पिलाकर जूते की माला पहनाई गई और नंगा घुमाया गया। वहीं, बालासोर जिले में एक अल्पसंख्यक युवक को गाय चोरी के शक में पीट-पीटकर मार दिया गया।
युवा कांग्रेस की मांग
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रंजित पात्रा ने कहा कि अल्पसंख्यकों और गरीबों के खिलाफ लगातार अत्याचार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पशु रक्षक और धार्मिक संगठन गरीबों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हिंसा कर रहे हैं। पात्रा ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल से आए श्रमिकों को रोजगार के लिए ओडिशा आने पर परेशान किया जा रहा है और उन्हें ‘बांग्लादेशी’ कहकर बदनाम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल
पात्रा ने मुख्यमंत्री से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या वे स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं या भाजपा इसे बढ़ावा दे रही है? उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
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