पंजाब चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा, मायावती ने गठबंधन से किया इनकार

HIGHLIGHTS
- मायावती ने लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में पार्टी की बैठक की।
- पंजाब के साथ यूपी और उत्तराखंड में संगठन की स्थिति की समीक्षा की गई।
- आगामी चुनाव के लिए कर्मठ और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर जोर दिया।
राजधानी लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में मंगलवार को हुई बैठक में मायावती ने पंजाब के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पार्टी की गतिविधियों और संगठन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पंजाब में बसपा आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी दल के साथ गठबंधन या समझौता किए बिना अपने दम पर लड़ेगी। चुनावी गठबंधन से बसपा को सीटों और वोट प्रतिशत, दोनों में नुकसान होने की आशंका रहती है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखते हुए विरोधियों के साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करने की तैयारी करनी होगी।
उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में मेहनती और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाया जाए, ताकि बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें। पार्टी का लक्ष्य पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा समेत अन्य दलों से नाराज जनता को बसपा की नीतियों से जोड़ना है। बसपा के माध्यम से गरीब, बेरोजगार और वंचित वर्गों को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए पार्टी को सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की अंबेडकरवादी नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाना होगा।
उन्होंने पंजाब में पार्टी संगठन को पोलिंग बूथ स्तर तक मजबूत करने के निर्देश भी दिए। साथ ही पिछले वर्ष हुई ऑल इंडिया बैठक में संगठन को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए कमियों को तय समय में दूर करने पर जोर दिया।
कांशीराम की पुण्यतिथि और जनकल्याणकारी दिवस की तैयारियों पर जोर
मायावती ने कहा कि पंजाब में नौ अक्तूबर को होने वाले पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि कार्यक्रम को पिछले वर्ष के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पूरी तैयारी के साथ सफल बनाया जाए। इसके अलावा 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के मौके पर बसपा पंजाब स्टेट यूनिट को पिछले बार से बेहतर आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे अंबेडकरवादी कारवां और आंदोलन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में कांशीराम को श्रद्धांजलि भी दी गई।
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह पंजाब में भी बसपा बिना किसी गठबंधन या समझौते के चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.