SIR पर राहुल गांधी ने अमित शाह के दो वीडियो किए शेयर, बोले- मैं उलझन में पड़ गया हूं

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने SIR को लेकर अमित शाह के दो वीडियो एक्स पर साझा किए।
- एक वीडियो पिछले साल 5 दिसंबर का और दूसरा गुरुवार का है।
- पुराने वीडियो में अमित शाह ने संसद में SIR पर चर्चा को लेकर सवाल उठाए थे।
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से सरकार को बहस की चुनौती दे रहे हैं। अब उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से सवाल पूछे हैं। कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पिन की गई पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो वीडियो क्लिप साझा किए हैं। इनमें एक वीडियो पिछले साल का है, जबकि दूसरा गुरुवार का है।
राहुल गांधी ने पिछले साल 5 दिसंबर के वीडियो में अमित शाह के उस बयान को साझा किया, जिसमें गृह मंत्री कहते नजर आ रहे हैं, "मेरा दृढ़ मत है कि इस सदन में एसआईआर पर चर्चा नहीं की जा सकती। अगर इस पर चर्चा होती है और कुछ सवाल उठाए जाते हैं तो उनके जवाब कौन देगा?"
'मैं उलझन में पड़ गया हूं', राहुल गांधी ने क्यों कही यह बात?
वहीं, गुरुवार को संसद में दिए गए बयान के वीडियो में अमित शाह कहते दिखाई दे रहे हैं, "आप मोदी को चर्चा की चुनौती देते हैं तो राहुल जी मोदी जी की कोई जरूरत नहीं है हम एसआईआर पर चर्चा के लिए सदन का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।"
दोनों बयानों को साझा करते हुए राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'मैं उलझन में पड़ गया हूं।'
प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी पर लगाया वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप
राहुल गांधी की पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कांग्रेस का बचाव करते हुए विपक्ष के नेता पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह के वीडियो को काट-छांटकर और संदर्भ से अलग करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।
जोशी ने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह का काटा गया और संदर्भ से हटकर दिखाया गया वीडियो केवल एक ही बात दर्शाता है राहुल गांधी ने एसआईआर के विषय पर बिल्कुल भी होमवर्क नहीं किया है।"
हालांकि, पिछले साल दिसंबर में संसद में अमित शाह ने एसआईआर को लेकर जो बयान दिया था, वह राहुल गांधी की पोस्ट में साझा किए गए वीडियो से मेल खाता है।
उस समय गृह मंत्री ने सदन में कहा था, "मेरा दृढ़ मत है कि इस सदन में एसआईआर पर चर्चा नहीं की जा सकती, क्योंकि एसआईआर का काम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरकार के अधीन काम नहीं करते हैं। अगर इस पर चर्चा होती और कुछ सवाल उठाए जाते तो उनके जवाब कौन देता? जब उन्होंने कहा कि वे चुनावी सुधारों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं तो हम तुरंत सहमत हो गए और आज वास्तव में चर्चा चुनावी सुधारों पर ही केंद्रित है।"
इस बयान में अमित शाह ने चुनावी सुधारों पर चर्चा और एसआईआर के मुद्दे को अलग-अलग बताया था।
'चुनाव हारने पर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं'
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी का कहना है कि राहुल गांधी ने एक्स पर जो वीडियो साझा किए हैं, उनमें छेड़छाड़ की गई है। वहीं, नवंबर में गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया था कि सरकार एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
जोशी ने राहुल गांधी को 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की याद दिलाते हुए कहा कि इन चुनावों के दौरान एसआईआर नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, "राहुल जी, उलझन साफ तौर पर आपकी है हमारी नहीं! जब आप चुनाव जीतते हैं तो चुनावी प्रक्रिया आपको सही लगती है लेकिन जब आप हार जाते हैं तो अचानक उसी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगते हैं। क्या लोकतंत्र के बारे में आपकी यही समझ है? आप 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तब भी हार गए थे, जब कोई एसआईआर नहीं कराया गया था। क्या आप उन हार की जिम्मेदारी लेंगे या किसी और चीज को दोष देंगे?"
राहुल गांधी को संसद में बहस करने की चुनौती
प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में एसआईआर पर चर्चा की चुनौती दी है और विशेष सत्र बुलाने की बात कही है, तो राहुल गांधी को पीछे नहीं हटना चाहिए।
जोशी ने कहा, "और अब जब गृह मंत्री अमित शाह ने आपको संसद में एसआईआर पर चर्चा करने की खुली चुनौती दी है और एक विशेष सत्र का प्रस्ताव भी रखा है तो फिर हिचकिचाहट कैसी? राहुल जी, अब बहुत हुआ यह राजनीतिक नाटक। अपनी दलीलें संसद में लाएं और तथ्यों के साथ बहस करें।"




























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