सनातन संस्कृति ही भारत की लोकतांत्रिक चेतना की आधारशिला: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत ने सदैव अपनी सनातन परंपरा, संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रमाणों को सहेजकर रखा है। उन्होंने कहा कि पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ भारत की लोकतांत्रिक सोच, सांस्कृतिक निरंतरता और हजारों वर्षों पुरानी विरासत को ठोस साक्ष्यों के साथ सामने लाने वाला एक अहम दस्तावेज है। यह रचना लंबे समय से भारत के इतिहास को लेकर फैलाए जा रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यों के आधार पर जवाब देती है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार गुरुवार को अपने आवास पर हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने फाउंडेशन के संग्रह में मौजूद दुर्लभ और प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में हिंदुजा फाउंडेशन के सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत केवल विविध जातियों, मतों और संप्रदायों का सम्मान ही नहीं करता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर दुनिया भर के लोगों को शरण देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी देता रहा है। उन्होंने कहा कि “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्” जैसे विचार को खुले रूप में अपनाने का सामर्थ्य केवल भारत की संस्कृति में ही दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, काशी, कौशाम्बी, पांचाल सहित कई ऐतिहासिक क्षेत्रों से प्राप्त तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं के सिक्के तत्कालीन राजनीतिक, भौगोलिक और व्यापारिक परिस्थितियों की प्रमाणिक जानकारी देते हैं। ये सिक्के यह दर्शाते हैं कि भारत का इतिहास केवल कथाओं पर नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों पर आधारित है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि पंच प्रण और 11 संकल्पों के माध्यम से देश की विरासत पर गर्व की भावना को पुनर्जीवित किया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
पुस्तक के लेखक प्रो. देवेंद्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित एक प्राचीन सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है, जो यह संकेत देता है कि सावित्री-सत्यवान से जुड़ी कथाएं केवल कल्पना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक घटनाओं से भी संबंधित रही हैं।
हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा ने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत अपनी सनातन संस्कृति और इतिहास को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के साथ वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करे। उन्होंने इस पुस्तक को उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भविष्य में भी निवेश जारी रखने का भरोसा जताया।
कार्यक्रम में हिंदुजा समूह के ट्रस्टी पी.पी. हिंदुजा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सहित हिंदुजा परिवार के वरिष्ठ सदस्य और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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