तमिलनाडु में मतदाता सूची पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ईसी को दिए पारदर्शिता के निर्देश

नई दिल्ली: तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम तथाकथित “तार्किक विसंगति सूची” में डाले गए हैं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि लोग समय रहते अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि ऐसी सूची ग्राम पंचायत भवनों, प्रत्येक तालुका कार्यालय और शहरी इलाकों के वार्ड कार्यालयों में चस्पा की जाए। साथ ही हर नाम के सामने विसंगति का संक्षिप्त कारण भी लिखा जाना जरूरी होगा।
10 दिन में दस्तावेज देने का अवसर
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में आए हैं, वे सूची जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर स्वयं या किसी अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियां उपखंड स्तर के कार्यालयों में दर्ज कराई जा सकेंगी।
प्रशासन और पुलिस को अलर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन कर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करें ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया बिना बाधा पूरी हो सके। साथ ही राज्य के डीजीपी और पुलिस आयुक्तों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के आदेश दिए गए हैं।
चुनावी साल में बढ़ी अहमियत
गौरतलब है कि तमिलनाडु में इसी वर्ष 234 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। फिलहाल तमिलनाडु में डीएमके की सरकार है, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.