ड्रोन हमले के बाद रोमानिया पहुंचा टैंकर यारा जे, सभी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित

HIGHLIGHTS
- बुधवार को रोमानिया के सुलिना एंकरेज में हुआ था ड्रोन हमला।
- भारतीय राजदूत मनोज कुमार मोहापात्रा ने बचाव एजेंसियों से बातचीत की।
- होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी एसटी 3 पर प्रक्षेप्य से हमला हुआ।
रोमानिया के पास ड्रोन हमले का शिकार हुआ रासायनिक टैंकर यारा जे शनिवार को कॉन्स्टैंटा बंदरगाह पहुंच गया। जहाज पर मौजूद सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की है। भारत सरकार ने भी नाविकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
भारतीय राजदूत ने संबंधित अधिकारियों से की बातचीत
भारतीय दूतावास के अनुसार, रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज कुमार मोहापात्रा ने खोज एवं बचाव एजेंसियों और टैंकर के मुख्य सुरक्षा अधिकारी से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने चालक दल को भारत सरकार की ओर से हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
बुधवार को यारा जे पर हुआ था ड्रोन हमला
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि बुधवार को रोमानिया के सुलिना एंकरेज में टैंकर यारा जे पर ड्रोन हमला हुआ था। घटना के बाद से जहाज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। हालांकि, हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भी टैंकर पर हमला
इसी बीच शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में कच्चे तेल के टैंकर एमटी एसटी 3 पर एक प्रक्षेप्य से हमला किया गया। इस जहाज पर 15 भारतीय नाविक सवार थे। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि दोनों जहाजों पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं है।
सरकार दोनों घटनाओं पर नजर बनाए हुए है और संबंधित जहाजों का प्रबंधन करने वाली कंपनियों के संपर्क में है।
काला सागर और होर्मुज में हमलों से बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता
जहाजों पर हमले की ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब काला सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। काला सागर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। वहीं, पश्चिम एशिया में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण संवेदनशील बना हुआ है। हालांकि, हालिया दोनों हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान तत्काल नहीं हो सकी है।
वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारत दूसरे स्थान पर
आईएमसीओ और इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग की सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, वैश्विक जहाजरानी उद्योग में 3,11,936 भारतीय समुद्री पेशेवर कार्यरत हैं। दुनिया के कुल नाविकों में भारतीयों की हिस्सेदारी 12.16 प्रतिशत है। इस मामले में भारत फिलीपींस के बाद दूसरे स्थान पर है।
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