‘घूसखोरी पंडत’ फिल्म समाज को बांटने का प्रयास, दोषियों पर हो कार्रवाई: मंत्री कपिल देव

मुजफ्फरनगर। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई अभिनेता मनोज बाजपेई की फिल्म ‘घूसखोरी पंडत’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कड़ा बयान देते हुए फिल्म के नाम और विषय को निंदनीय बताया और इसे समाज को बांटने का प्रयास करार दिया।
राज्य मंत्री ने कहा कि किसी जाति या वर्ग विशेष का नाम लेकर इस तरह की सामग्री पेश करना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिल्मकारों ने ऐसा शीर्षक रखने का साहस कैसे किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के शीर्षक से सामाजिक भावनाएं आहत होती हैं और समाज में सौहार्द पर असर पड़ता है।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और आवश्यक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का मामला है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर फिल्म से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस कदम को सकारात्मक बताया और कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कदमों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है।
साथ ही कपिल देव अग्रवाल ने सोशल मीडिया और ओटीटी कंटेंट के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री का बच्चों और युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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