यूपी में निजी स्कूलों में आरटीई एडमिशन पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से आरटीई अधिनियम के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के मामले में ब्योरा पेश करने को कहा है। अदालत ने आदेश दिया कि प्रदेश के स्कूलों में कक्षा-एक में आरटीई एक्ट और नियमों के तहत कितनी सीटें आरक्षित हैं, इसका विस्तृत विवरण सरकार की ओर से हलफनामे में प्रस्तुत किया जाए।
पीठ ने निर्देश दिए हैं कि लखनऊ मंडल के निजी स्कूलों के दाखिले का पूरा आंकलन कर अगली सुनवाई में कोर्ट को पेश किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मनेंद्र नाथ राय की 2015 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया। याचिका में आरटीई अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
पहले भी कोर्ट ने सरकार को ब्योरा पेश करने को कहा था, लेकिन प्रस्तुत जानकारी अधूरी पाई गई। अदालत ने अब निर्देश दिया है कि सरकार इस मामले में पूरी जानकारी के साथ नया और विस्तृत हलफनामा दाखिल करे।
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