‘कीमत चुकानी होगी’- इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान पर विमानन मंत्री का बयान

नई दिल्ली। विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट जल्द ही हल हो जाएगा और एयरलाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई केवल समय की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के लागू होने के बाद उत्पन्न समस्या पूरी तरह इंडिगो की ओर से थी।
नायडू ने बताया कि मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़ कम हो गई है और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत प्रमुख एयरपोर्ट पर रद्द उड़ानों के कारण फंसे यात्रियों की कतारें अब समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो कल से सीमित क्षमता के साथ उड़ानें फिर से शुरू करेगा और धीरे-धीरे अपनी पूरी क्षमता तक लौटेगा।
एफडीटीएल नियमों के बाद हुई गड़बड़ी
मंत्री ने बताया कि नए एफडीटीएल नियम 1 नवंबर से लागू हुए थे और मंत्रालय ने एयरलाइनों के साथ छह महीने तक लगातार संवाद किया। एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइन ने नियमों के अनुसार संचालन समायोजित कर लिया, जबकि इंडिगो की चालक दल प्रबंधन में गड़बड़ी के कारण व्यवधान पैदा हुआ। मंत्रालय ने एयरलाइन को एफडीटीएल नियमों में अस्थायी छूट दी ताकि परिचालन सामान्य किया जा सके।
जांच समिति और सख्त कार्रवाई का ऐलान
नायडू ने कहा कि इस व्यवधान की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है, जो दोषियों की पहचान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की वजह से यह स्थिति बनी, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। मंत्रालय की प्राथमिकता परिचालन को सामान्य करना और यात्रियों को पूरी मदद प्रदान करना है।
यात्रियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं
मंत्री ने कहा कि लगभग पांच लाख लोग प्रतिदिन हवाई यात्रा करते हैं। मंत्रालय एफडीटीएल नियम और नेटवर्क शेड्यूलिंग पर लगातार नजर रख रहा है। इंडिगो को दो दिनों के भीतर सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। देरी लगातार बढ़ने के कारण एयरलाइन को कुछ उड़ानें रद्द करने के लिए कहा गया ताकि एयरपोर्ट पर भीड़ कम की जा सके और यात्रियों की परेशानी घटे।
नायडू ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में इंडिगो अपनी पूरी क्षमता से परिचालन शुरू कर देगा और यात्रियों को अब परेशानी नहीं होगी।
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