‘मुझे तमिल पर सलाह न दें’, भाषा विवाद में वित्त मंत्री ने आलोचकों को सुनाई खरी-खरी

HIGHLIGHTS
- विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को बहस में हस्तक्षेप करना पड़ा।
- टीकेएस एलंगोवन ने बजट पढ़ने के दौरान गलतियों का मुद्दा उठाया।
- बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की।
चेन्नई। तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन की तमिल भाषा को लेकर विधानसभा में उठे सवालों के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। डीएमके और बीजेपी की ओर से मंत्री की आलोचना की गई है। वहीं, मंत्री ने भी अपनी भाषा और बोलने की शैली का बचाव करते हुए आलोचकों को जवाब दिया।
डीएमके विधायक टीएम राजेंद्रन ने विधानसभा में कहा कि 5 अगस्त को बजट पेश करते समय वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन के भाषण में तमिल व्याकरण से जुड़ी गलतियां थीं। उन्होंने यह भी कहा कि भाषण के दौरान मंत्री बीच-बीच में अंग्रेजी का इस्तेमाल कर रहे थे। राजेंद्रन ने सुझाव दिया कि भविष्य में जब भी उन्हें मौका मिले, वित्त मंत्री को त्रुटिहीन तमिल में बोलना चाहिए।
मुझे तमिल पर सलाह न दें: वित्त मंत्री
अपनी तमिल को लेकर की गई आलोचना पर वित्त मंत्री विल्सन ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अपनी संवाद शैली का बचाव करते हुए कहा कि उनका ध्यान भाषाई औपचारिकताओं के बजाय शासन और राज्य की प्रगति पर है।
डीएमके विधायक को जवाब देते हुए विल्सन ने कहा कि उन्हें तमिल को लेकर सलाह न दी जाए। उन्होंने कहा कि यह उनकी अपनी अनूठी शैली है और वह इसी तरह बोल सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसे स्वीकार करना या न करना दूसरों पर निर्भर है, लेकिन वह अपनी शैली किसी के लिए नहीं बदल सकतीं।
स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप
मामले में तीखी बहस बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मंत्री को शांत रहने की सलाह देते हुए कहा कि सदस्यों को इस तरह की बहस को हल्के में लेना चाहिए।
स्पीकर ने कहा कि मंत्री ने इस तरह बात की कि लोग उनके भाषण को समझ सकें और इसे हल्के में लिया जाना चाहिए।
इसके बाद वित्त मंत्री ने कहा कि ईसाइयत ने उन्हें प्रेम और सहानुभूति की सीख दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में मौजूद कई लोग इसे समझ नहीं सकते।
विल्सन ने कहा कि ईसाइयत ने उन्हें एक भाषा सिखाई है और वह प्यार व सहानुभूति की भाषा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे बाइबिल में पढ़ा है और वह जन्म से ईसाई हैं।
डीएमके और बीजेपी ने साधा निशाना
वित्त मंत्री की तमिल को लेकर डीएमके की ओर से आलोचना जारी रही। पार्टी के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि वह यह स्वीकार नहीं करना चाहते कि मंत्री की तमिल सबसे खराब थी, लेकिन बजट को तमिल में पढ़ते समय उन्होंने कई जगह गलतियां कीं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को बजट ठीक तरीके से पढ़ने में सक्षम होना चाहिए।
वहीं, बीजेपी ने भी वित्त मंत्री पर निशाना साधा और उन पर तमिल भाषा का अपमान करने का आरोप लगाया। पार्टी ने मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से किसी भी धर्म का हो सकता है, लेकिन भावना और पहचान के लिहाज से सभी तमिल हैं। उन्होंने कहा कि अपने धर्म को बनाए रखने में कोई गलत बात नहीं है, लेकिन तमिल भाषा का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि तमिल भाषा के खिलाफ भावनाओं में बहकर की गई गलत टिप्पणियों के लिए वित्त मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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