‘हम अतीक के आदमी हैं’ कहकर टोल कर्मियों को धमकाने का आरोप, 15 वाहन बिना शुल्क दिए गुजरे

HIGHLIGHTS
- बड़ौरी और कटोघन टोल प्लाजा पर कर्मचारियों से विवाद का मामला सामने आया।
- पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
- सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबरों के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।
फतेहपुर। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के काफिले में शामिल वाहनों के खिलाफ टोल कर्मियों ने अभद्रता, जान से मारने की कोशिश और बिना टोल शुल्क दिए निकलने के आरोप लगाए हैं। एसपी के निर्देश पर सोमवार को कल्यानपुर और खागा थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वाहनों के नंबरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी टोल प्लाजा के प्रबंधक जितेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, आठ अगस्त को दोपहर 2:39 बजे अली अहमद को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार झांसी से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। उसके पीछे कई अन्य वाहन भी चल रहे थे। टोल कलेक्टर संजय सिंह और सुपरवाइजर कौशलेश सिंह ने काफिले में शामिल वाहनों को टोल शुल्क जमा करने के बाद आगे जाने के लिए कहा।
10 वाहनों के खिलाफ प्राथमिकी
आरोप है कि इस पर वाहन चालकों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी और वाहन से उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद सभी वाहन बिना टोल शुल्क दिए वहां से निकल गए। प्रबंधक की तहरीर पर आठ नंबर वाले और दो बिना नंबर के वाहनों समेत कुल 10 वाहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
खुद को अतीक का आदमी बताकर गाली-गलौज का आरोप
दूसरी ओर, खागा थाना क्षेत्र के कटोघन टोल प्लाजा के कर्मचारी सोनू सिंह निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश ने बताया कि उसी दिन करीब 3:38 बजे कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रहा काफिला लेन नंबर नौ पर पहुंचा। शिफ्ट इंचार्ज संजू कुमार यादव और बूथ इंचार्ज सनी कुमार सविता ने वाहनों को रोककर टोल शुल्क जमा करने के लिए कहा।
आरोप है कि इस पर वाहनों में सवार लोगों ने खुद को अतीक का आदमी बताते हुए गाली-गलौज की और कर्मचारियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की।
11 वाहनों के सवारों पर केस
इस मामले में 11 वाहनों में सवार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनमें एक कार बिना नंबर की बताई गई है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बड़ौरी टोल से आठ वाहनों के नंबर मिले हैं, जबकि कटोघन टोल से भी कई वाहनों को ट्रेस किया गया है। शुरुआती जांच में काफिले में करीब 15 वाहन शामिल होने की बात सामने आई है।
पहचान के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, प्रत्येक वाहन में चार से पांच लोगों के सवार होने का अनुमान है। इस आधार पर काफिले में करीब 65 से 70 लोगों के शामिल होने की आशंका है। वाहन नंबरों के आधार पर हत्या की कोशिश, बलवा, सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने, धमकी और गाली-गलौज समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है।
जिले में अतीक के समर्थकों पर पहले भी कार्रवाई
फतेहपुर जिले से अतीक अहमद का पुराना जुड़ाव रहा है। पुलिस ने अतीक पर कार्रवाई के दौरान जिले में उसके कई बसपा और सपा नेताओं से पुराने संबंधों की भी पड़ताल की थी। खखरेरू के बसपा नेता और उनके पुत्रों के खिलाफ जेल भेजने की कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी हुई थी। शहर के सपा नेताओं पर भी कार्रवाई की गई। जिले में अभी भी अतीक के कई समर्थक बताए जाते हैं।
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