रूस के हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें, जेलेंस्की ने मांगी जल्द डिलीवरी

HIGHLIGHTS
- अक्टूबर के पिछले दो हफ्तों में रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर 30 से ज्यादा हमले किए।
- यूक्रेन ने सर्दियों के दौरान हर महीने औसतन 100 इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग रखी है।
- कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे इस खरीद में योगदान देंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों से देश की सुरक्षा के लिए अमेरिका की ओर से 500 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की संभावित बिक्री को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक मजबूत निर्णय बताया, लेकिन साथ ही अमेरिका से इन मिसाइलों की डिलीवरी जल्द शुरू करने की मांग की है। जेलेंस्की के अनुसार, सर्दियों के दौरान ऊर्जा ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए यूक्रेन को इन मिसाइलों की तत्काल आवश्यकता है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि 500 पीएसी-3 इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार काफी बड़ा है और इससे सर्दियों में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि मौजूदा शर्तों के तहत मिसाइलों की आपूर्ति शुरू होने में कई साल लग सकते हैं।
रूस के हमलों को लेकर जेलेंस्की ने जताई चिंता
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी सहयोगियों से ऐसा रास्ता निकालने की अपील कर रहा है, जिससे पीएसी-3 इंटरसेप्टर मिसाइलें जरूरत के वास्तविक समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि रूसी सेना लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रही है।
उनके मुताबिक, अक्टूबर के पिछले दो हफ्तों में रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड के अहम हिस्सों पर 30 से अधिक हमले किए। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सर्दियों से पहले लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाओं को बाधित करने के लिए अभियान शुरू किया है। इन हमलों में बिजली, हीटिंग, पानी की आपूर्ति और पुलों को निशाना बनाया जा रहा है।
हर महीने 100 पैट्रियट मिसाइलें चाहता है यूक्रेन
यूक्रेन ने सर्दियों के दौरान हर महीने औसतन 100 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग रखी है। जेलेंस्की ने कहा कि 500 मिसाइलें आने वाले महीनों में देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होंगी। साथ ही, यूक्रेन के लिए बातचीत के दौरान अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखना भी जरूरी है।
तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए जेलेंस्की ने अमेरिका, यूरोपीय साझेदारों और अन्य सहयोगी देशों को अपने मौजूदा मिसाइल भंडार से यूक्रेन को हथियार देने का सुझाव दिया है। उनके प्रस्ताव के अनुसार, 2026-27 की सर्दियों में सहयोगी देश अपने भंडार से मिसाइलें उपलब्ध करा सकते हैं और बाद में नए उत्पादन के जरिए उनकी भरपाई की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ हालिया बातचीत का उल्लेख करते हुए जेलेंस्की ने अमेरिका का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “हम इस मंजूरी के लिए अमेरिकी विदेश विभाग और पूरे अमेरिकी प्रशासन के आभारी हैं। लेकिन हम ऐसे फैसले चाहते हैं, जो लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। यह सुरक्षा परसों या भविष्य में कभी नहीं, बल्कि उसी समय मिलनी चाहिए, जब खतरा सामने हो और रूस लोगों को मार रहा हो तथा तबाही मचा रहा हो।”
अमेरिका ने 2.1 अरब डॉलर की संभावित बिक्री को दी मंजूरी
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को यूक्रेन को 500 पैट्रियट पीएसी-3 मिसाइल सेगमेंट एन्हांसमेंट (एमएसई) इंटरसेप्टर मिसाइलों की संभावित बिक्री को औपचारिक मंजूरी देने की जानकारी दी। इस सौदे की अनुमानित लागत 2.1 अरब डॉलर बताई गई है।
विभाग के अनुसार, इस पैकेज का मकसद यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना और आधुनिक व उभरते मिसाइल खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है।
इस खरीद में कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे अमेरिका के जेएएमपीस्टार्ट कार्यक्रम के तहत योगदान करेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ की ऋण सुविधा से भी आर्थिक सहायता मिलेगी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस सौदे में अमेरिका की ओर से कोई वित्तीय योगदान नहीं किया जाएगा।
लॉकहीड मार्टिन इस समझौते की प्रमुख ठेकेदार कंपनी होगी। वह मिसाइलों के अलावा गोपनीय और गैर-गोपनीय स्पेयर पार्ट्स, लॉजिस्टिक्स तथा कार्यक्रम से संबंधित सहायता भी उपलब्ध कराएगी।
हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी तक मिसाइलों की आपूर्ति शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। यूक्रेन में मिसाइलों के कुछ हिस्सों का स्थानीय स्तर पर निर्माण होगा या नहीं, इस बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। लॉकहीड मार्टिन के साथ इस विषय पर संभावित समझौते को लेकर बातचीत का विकल्प खुला है।
इस मंजूरी के बीच यूक्रेन लगातार रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का सामना कर रहा है और सर्दियों से पहले अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने में जुटा है।
अमेरिका-यूक्रेन के बीच तनाव के बाद आया फैसला
मिसाइलों की बिक्री को मंजूरी ऐसे समय दी गई है, जब युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीति और यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन के मुद्दे पर वाशिंगटन तथा कीव के बीच कई सप्ताह से तनाव बना हुआ है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इसी महीने की शुरुआत में रूस से डीजल का निर्यात वैश्विक ऊर्जा बाजार तक पहुंचाने की अनुमति देने वाले समझौते की जानकारी दी थी। इसके साथ ही रूस के जीवाश्म ईंधन कारोबार पर हाल ही में कानून के जरिए लगाए गए अतिरिक्त प्रतिबंधों में भी छूट दी गई थी।
इसके अलावा ट्रंप ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों के जवाब में कीव के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद करने की चेतावनी दी थी। यूक्रेन की स्टारशील्ड सैटेलाइट प्रणाली की कनेक्टिविटी भी कुछ समय के लिए रोक दी गई थी, जिसे पिछले सप्ताह दोबारा बहाल कर दिया गया।
यूक्रेन में मिसाइलों के हिस्सों का उत्पादन संभव
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि उसे यूक्रेन और लॉकहीड मार्टिन के बीच मिसाइलों के पुर्जों का घरेलू उत्पादन शुरू करने को लेकर किसी अंतिम समझौते की जानकारी नहीं है। हालांकि, दोनों पक्ष इस मुद्दे पर अलग से बातचीत कर सकते हैं।
ट्रंप ने जुलाई में तुर्किये में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि यूक्रेन को अपनी पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन करने का लाइसेंस दिया जाएगा।
यूक्रेन में उत्पादन केंद्र बनने से अमेरिकी विनिर्माण इकाइयों पर दबाव कम हो सकता है। ईरान युद्ध से जुड़ी हथियारों की कमी और अंतरराष्ट्रीय मांग में बढ़ोतरी के कारण अमेरिकी उत्पादन व्यवस्था पहले से दबाव में है। हालांकि, यूक्रेन में मिसाइलों को जोड़ने वाली फैक्टरी स्थापित करने में कई साल लग सकते हैं। ट्रंप भी शुरुआती प्रस्ताव से पीछे हटते दिखाई दिए हैं।
यूरोपीय संघ भी देगा आर्थिक सहायता
इन मिसाइलों की खरीद के लिए यूरोपीय संघ की यूक्रेन सहायता ऋण योजना के तहत 2026 से 2027 के बीच 90 अरब यूरो तक की वित्तीय मदद का प्रावधान किया गया है। इसमें से 60 अरब यूरो विशेष रूप से रक्षा जरूरतों के लिए निर्धारित हैं।
यूरोपीय आयोग ने कीव को इस ऋण सुविधा के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अमेरिका में बनी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें खरीदने के लिए करने की अनुमति दे दी है।
रूस के लगातार हमलों के बीच यह संभावित सौदा यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों की ओर से आधुनिक हवाई रक्षा हथियारों का भंडार बढ़ाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।
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