यूपी: चार बार विधायक रहे बादशाह सिंह ने राजनीति को कहा अलविदा

बुंदेलखंड की राजनीति में चार दशक से सक्रिय रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री बादशाह सिंह ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। चार बार विधायक रह चुके बादशाह सिंह बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं।
खरेला कस्बे के निवासी कुंवर बादशाह सिंह ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से लगातार राजनीति में कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वे सक्रिय राजनीति से अलग होकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
राजनीतिक सफर
बादशाह सिंह ने वर्ष 1985 में यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद वे कांग्रेस सेवादल से जुड़े और फिर भाजपा में शामिल होकर सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े। 1988 में वे खरेला नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए।
1989 में उन्होंने मौदहा विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 1991 के मध्यावधि चुनाव में वे पहली बार विधायक बने।
चार बार विधायक और मंत्री पद तक का सफर
अपने राजनीतिक करियर में बादशाह सिंह चार बार विधायक रहे। वर्ष 2007 में उन्होंने भाजपा छोड़कर बसपा का दामन थामा और मौदहा सीट से चुनाव जीतकर प्रदेश सरकार में श्रम एवं लघु उद्योग मंत्री बने।
इसके बाद 2012 में उन्होंने भाजपा से महोबा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में वे कांग्रेस से जुड़े और 2024 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
बुंदेलखंड के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका
अपने लंबे राजनीतिक सफर में बादशाह सिंह अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग समेत कई क्षेत्रीय मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा जनहित और क्षेत्रीय विकास रहा है।
अब वे राजनीति से दूर रहकर बुंदेलखंड के सामाजिक और विकास संबंधी कार्यों में योगदान देंगे।
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