मुजफ्फरनगर में महिला की संदिग्ध मौत पर हंगामा, गिरफ्तारी की मांग को लेकर SSP कार्यालय पहुंचे ग्रामीण

HIGHLIGHTS
- तपन चौधरी 22 अक्टूबर की रात घर से निकली थीं, अगले दिन मेडिकल कॉलेज में मृत मिलीं।
- पति अंकित कुमार ने गांव के ही विकल कुमार पर पत्नी को कार में ले जाने का आरोप लगाया।
- परिजनों के मुताबिक, मृतका के हाथ-पैर और आंख के ऊपर चोट के निशान थे।
मुजफ्फरनगर में नौ दिन पहले हुई महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे मृतका तपन चौधरी के पति अंकित कुमार और उनके परिजन सैकड़ों ग्रामीणों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले में नामजद आरोपी विकल कुमार को गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के अनुसार, एसपी ने कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरने पर बैठेंगे।
22 अक्टूबर की रात घर से निकली थीं तपन चौधरी
यह मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के जानसठ रोड स्थित गोकुल सिटी का है। यहां रहने वाली तपन चौधरी 22 अक्टूबर की रात अपने घर से निकली थीं। उनके पति अंकित कुमार का आरोप है कि उनके ही गांव जंघेड़ी का रहने वाला विकल कुमार उनकी पत्नी को कार में बैठाकर अपने साथ ले गया था।
अगले दिन यानी 23 अक्टूबर को परिजनों को सूचना मिली कि तपन चौधरी बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में मृत अवस्था में हैं।
शरीर पर चोट के निशान होने का परिजनों का आरोप
परिजनों का दावा है कि तपन चौधरी के हाथ-पैर और आंख के ऊपर गंभीर चोटों के निशान थे। उनका शरीर भी नीला पड़ गया था। इस मामले में अंकित कुमार ने 26 अक्टूबर को नई मंडी थाने में प्रार्थना पत्र देकर विकल कुमार पर हत्या का आरोप लगाया था।
वहीं, अंकित की बहन शिवानी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि महिला के शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान होने और हत्या के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
मृतका की ननद शिवानी के मुताबिक, चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर धरने की चेतावनी
न्याय की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने नामजद आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। परिवार का कहना है कि यदि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो वे धरना देंगे।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
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