नाहन में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, पत्थरबाजी में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल

HIGHLIGHTS
- स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर शुरू हुआ विवाद।
- पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना।
- वाल्मीकि स्मारक को नुकसान पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव।
नाहन। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन के वाल्मीकि चौक पर शुक्रवार को दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। घटना में सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिस जवान की टांग में गंभीर चोट आने की भी जानकारी मिली है।
हिंसक झड़प के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। वहीं, वाल्मीकि जी के स्मारक को क्षति पहुंचने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत वाल्मीकि चौक के पास सिख समुदाय के स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर हुई। यह स्वागत द्वार पिछले वर्ष टूट गया था। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए हिंसक टकराव में बदल गई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति शांत करने की कोशिश की, लेकिन तत्काल हालात पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। महिला पुलिसकर्मियों समेत पुलिस बल घटनास्थल पर तैनात रहा। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों को भी पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा।
अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने में देरी पर उठे सवाल
नाहन में हुई इस घटना के बाद पुलिस व्यवस्था और प्रशासन की तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विवाद दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ था, लेकिन दोपहर बाद तक भी तनाव बना रहा।
ऐसे में सवाल है कि जब शुरुआती दौर में ही स्थिति बिगड़ने लगी थी, तो अतिरिक्त पुलिस बल समय पर क्यों नहीं पहुंच पाया? सिरमौर के नजदीक आईआरबी की छठी बटालियन मौजूद होने के बावजूद रिजर्व फोर्स की तैनाती में देरी क्यों हुई? इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
घटनास्थल पर डीएसपी शक्ति सिंह और सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह समेत पुलिसकर्मी हालात संभालने में जुटे रहे। थाना प्रभारी के सिर में चोट लगने की सूचना है। पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद पर्याप्त सुरक्षा बल और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाईवे पर तीन घंटे तक यातायात प्रभावित
हिंसक झड़प का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। नाहन से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-907ए पर दोपहर करीब 12 बजे से 3 बजे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। शिमला और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाल्मीकि स्मारक को नुकसान पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव
घटना के दौरान वाल्मीकि जी के स्मारक को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली, जिसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। पत्थरबाजी में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। एक निजी वाहन के घटनास्थल से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान उस पर भी पत्थर फेंके जाने की सूचना है। मौके पर आग बुझाने वाली गाड़ी भी बुलाई गई, हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा।
दोनों समुदायों के कुछ जिम्मेदार लोगों ने अपने-अपने पक्ष के लोगों को रोकने और शांति बनाए रखने के प्रयास किए। ऐसे में पूरे समुदाय को घटना के लिए जिम्मेदार मानने के बजाय हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच करना जरूरी है।
घटनास्थल पर एसडीएम नाहन भी पहुंचे। हालांकि, रिजर्व फोर्स की तैनाती में हुई देरी, यातायात व्यवस्था और हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन की ओर से किए गए प्रयासों को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित होने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था क्या की गई थी? मेडिकल कॉलेज वाले शहर में आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए? इन सवालों पर प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.