‘यौन शोषण केस में VIP भी शामिल’, शंकराचार्य मामले में धर्मगुरु का सनसनीखेज दावा

हरदोई: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर पीओक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने वाले धर्मगुरु के शिष्य ने बुधवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने अपने लैपटॉप में नाबालिगों के यौन शोषण के कथित वीडियो और तस्वीरें होने का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने कुछ अन्य नामों का खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में राजनीतिक पार्टियों के वीआईपी और बड़े नेता भी शामिल हैं।
प्रेस वार्ता में लगे आरोप
पीडब्ल्यूडी अतिथिगृह सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में शिष्य ने कहा कि सनातन धर्म के नाम पर विदेश से फंडिंग लेने वाले को मां गंगा ने स्नान करने से रोका। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में विद्यामठ समेत अन्य स्थानों पर भी यौन शोषण की घटनाएँ हुईं। प्रतापगढ़ में पढ़ाई के दौरान भी बच्चों का शोषण किया गया। शिष्य ने बताया कि किसी भी आश्रम में जाने से पहले बच्चों को वीआईपी के सामने प्रस्तुत किया जाता था।
उनके अनुसार, इस मामले में लगभग 20 युवा पीड़ित शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने आलीशान भवन और स्विमिंग पूल के सबूत मिटाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने एक बड़े नेता पर माघ मेला में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को धरने के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया और कहा कि कॉल डिटेल के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने एफआईआर में नामजद लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस कार्रवाई और नाबालिगों के बयान
पुलिस ने दूसरी तरफ नाबालिग बालक का मेडिकल परीक्षण कराया। एसीपी झूंसी विमल कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ गंगापार स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों की पैनल टीम ने मेडिकल प्रक्रिया पूरी की। दोनों बालकों को न्यायालय में पेश कर बयान दर्ज करा लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि एक टीम जल्द ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मठ में जाकर पूछताछ करेगी। यह कार्रवाई 21 फरवरी को एफआईआर दर्ज होने के बाद शुरू हुई थी।
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