मेरठ: SP ऑफिस में किसान नेताओं से कथित मारपीट पर एक्शन, इंस्पेक्टर सस्पेंड

HIGHLIGHTS
- मामला किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव से जुड़ा है।
- दोनों नेताओं को एसपी ऑफिस ले जाने का आरोप लगाया गया है।
- पुलिस कस्टडी में कथित मारपीट को लेकर मामला सामने आया।
मेरठ से पुलिस कस्टडी में किसान नेताओं के साथ कथित तौर पर थर्ड डिग्री देने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल है।
यह मामला किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि दोनों किसान नेताओं को एसपी ऑफिस ले जाकर थर्ड डिग्री दी गई और उनके साथ मारपीट की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के निलंबन से एक दिन पहले उन्हें और सात अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी बनी रही।
तत्कालीन एसपी अविनाश पांडेय का भी तबादला
मामले के बाद तत्कालीन एसपी अविनाश पांडेय का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें हटाकर डीजीपी कार्यालय लखनऊ से संबद्ध किया गया है। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को सौंपी गई है।
विपक्ष ने भी उठाया मामला
किसान नेताओं के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर विपक्ष ने भी विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर लगातार विरोध कर रही है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इंस्पेक्टर के निलंबन को मामले में एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।
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