मैनपुरी कोर्ट में 1.24 करोड़ का घोटाला, प्रशासनिक लिपिक ने परिजनों के खातों में भेजी रकम

HIGHLIGHTS
- मैनपुरी दीवानी न्यायालय में सामने आए एक बड़े वित्तीय अनियमितता मामले में प्रशासनिक लिपिक रहे अनूप कुमार यादव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है।
- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच उन्होंने करीब 1.24 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया।
- यह धनराशि कथित तौर पर अपने करीबी परिजनों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
- जानकारी के अनुसार, अनूप कुमार यादव दीवानी न्यायालय के बिल अनुभाग में तैनात थे।
- उनके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर विस्तृत लेखा परीक्ष…
मैनपुरी दीवानी न्यायालय में सामने आए एक बड़े वित्तीय अनियमितता मामले में प्रशासनिक लिपिक रहे अनूप कुमार यादव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच उन्होंने करीब 1.24 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया। यह धनराशि कथित तौर पर अपने करीबी परिजनों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
जानकारी के अनुसार, अनूप कुमार यादव दीवानी न्यायालय के बिल अनुभाग में तैनात थे। उनके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर विस्तृत लेखा परीक्षण कराया गया। ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मार्च 2021 से दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुल 1 करोड़ 24 लाख 79 हजार 152 रुपये की वित्तीय हेराफेरी की।
लेखा परीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह पूरी राशि आरोपी ने अपनी मां रामादेवी, पत्नी रीनादेवी और भाई अभिषेक यादव के खातों में ट्रांसफर की। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होते ही प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी देवव्रत राय चौधरी ने मामले को गंभीर मानते हुए कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनूप कुमार यादव को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घोटाले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
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