दिल्ली की हवा में 65% प्रदूषण बाहरी, CREA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है। अध्ययन के अनुसार, 2025 में दिल्ली के कुल वायु प्रदूषण का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा शहर के बाहर के स्रोतों से आया, जबकि स्थानीय स्रोतों का योगदान सिर्फ 35 प्रतिशत था। यह आंकड़ा साफ बताता है कि केवल शहर-स्तरीय उपायों से दिल्ली की प्रदूषण समस्या को हल करना मुश्किल है।
बाहरी प्रदूषण का असर
रिपोर्ट में बताया गया है कि सर्दियों के दौरान दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों से आने वाला प्रदूषण, शहर के भीतर उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से अधिक असर डालता है। यह स्थिति राजधानी की हवा को और भी जहरीली बना देती है।
स्थानीय स्रोतों में वाहनों का योगदान सबसे अधिक
स्थानीय पीएम 2.5 प्रदूषण के आंकड़ों से पता चला कि सर्दियों में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन लगभग आधा था, जो उद्योग, निर्माण कार्य और अन्य स्रोतों की तुलना में अधिक था। हालांकि कुल मिलाकर बाहरी, यानी ट्रांसबाउंड्री प्रदूषण ही दिल्ली की हवा में सबसे बड़ा योगदान करता रहा।
भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी राज्यों का प्रभाव
CREA के विश्लेषक मनोज कुमार एन ने कहा कि NCR के जिलों और पड़ोसी राज्यों से आने वाला प्रदूषण राजधानी की हवा को प्रभावित करता है। उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की हवाएं प्रदूषित हवा को आसानी से दिल्ली तक ले आती हैं। इसलिए केवल स्थानीय उपाय पर्याप्त नहीं हैं; पूरे एयरशेड स्तर पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है।
पराली जलाने में कमी
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पराली जलाने का योगदान कम हुआ। 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के दौरान पराली जलाने का औसत योगदान पीएम 2.5 में 4.9 प्रतिशत रहा, जबकि 2024 में यह 15.5 प्रतिशत था। अधिकतम योगदान 12 नवंबर को 22.47 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बाहरी प्रदूषण में प्रमुख स्थान
PM 2.5 की सांद्रता में बहादुरगढ़ (NCR) ने सबसे बड़ा योगदान दिया, जबकि पीएम 10 में धारूहेड़ा (हरियाणा) सबसे अधिक प्रभावित रहा। जनवरी, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में इन क्षेत्रों में प्रदूषण की मात्रा अधिक रही।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति
नवंबर 2025 सबसे प्रदूषित महीना रहा, जिसमें पीएम 2.5 का मासिक औसत 215 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जबकि 2024 में यह 249 माइक्रोग्राम था। वार्षिक आधार पर 2025 में दिल्ली का औसत पीएम 2.5 96 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2024 के 105 से घटकर लगभग 8.6 प्रतिशत कम हुआ। पीएम 10 का वार्षिक औसत भी 211 से घटकर 197 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।
AQI में हल्का सुधार
2025 में दिल्ली का वार्षिक औसत AQI 201 रहा। पूरे साल हवा की गुणवत्ता ‘अच्छी’ श्रेणी में कभी नहीं रही। वर्ष में 79 दिन संतोषजनक, 121 दिन मध्यम, 86 दिन खराब, 71 दिन बहुत खराब और आठ दिन गंभीर श्रेणी में दर्ज हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि जून और जुलाई के दौरान बेहतर वायु गुणवत्ता के कारण AQI में मामूली सुधार देखा गया।
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