श्रावण के अंतिम सोमवार को संभलहेड़ा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों भक्तों ने किया जलाभिषेक

HIGHLIGHTS
- सूर्योदय के बाद मंदिर परिसर के बाहर तक लंबी कतारें लग गईं।
- भक्तों ने गंगाजल, दूध और पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक किया।
- पूजा के दौरान बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी पत्र अर्पित किए गए।
मुजफ्फरनगर के संभलहेड़ा स्थित श्री पंचमुखी महादेव मंदिर में श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
सुबह होते ही मंदिर परिसर में घंटियों की आवाज, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार सुनाई देने लगा। श्रद्धालु 'हर-हर महादेव', 'ॐ नमः शिवाय' और 'बम-बम भोले' के जयकारे लगाते हुए भगवान शिव की आराधना करते नजर आए।
श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना सुबह करीब चार बजे से ही शुरू हो गया था। सूर्योदय के साथ ही भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती गई और कुछ ही समय में मंदिर परिसर के बाहर तक लंबी कतारें लग गईं। आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज के गांवों से पहुंचे हजारों शिवभक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्री पंचमुखी महादेव का गंगाजल, दूध और पवित्र जल से अभिषेक किया। पूजा के दौरान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और फल अर्पित किए गए। भक्तों ने परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के साथ पूरे क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला। कई परिवार छोटे बच्चों के साथ भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रावण मास का सोमवार भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का विशेष अवसर होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मीरपुर थाना पुलिस अलर्ट पर रही। मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, मंदिर प्रबंधन समिति और सेवादारों ने भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
व्यवस्था बनाए रखने में लाला नरेंद्र गर्ग, कृष्णपाल सैनी, अमित प्रजापति, जगपाल प्रजापति, शुभम पाल, राजू धीमान, सत्येंद्र कश्यप समेत मंदिर समिति के अन्य सदस्यों और समाजसेवियों का सहयोग रहा।
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