हमीरपुर के गुढ़ा गांव में पारंपरिक अंदाज में संपन्न हुआ सादगी भरा विवाह समारोह

यूपी के हमीरपुर जिले के गुढ़ा गांव में 25 फरवरी को आयोजित एक विवाह समारोह ने अपनी सादगी और पारंपरिक अंदाज के कारण सभी का ध्यान खींचा। जबकि शहरों में अक्सर शादियों में लग्जरी गाड़ियों और भव्य समारोह देखे जाते हैं, यह शादी ग्रामीण संस्कृति के अनुरूप मनाई गई।
दूल्हे मोहित द्विवेदी की बरात करीब 25 बैलगाड़ियों के साथ गुढ़ा गांव से फार्म हाउस तक निकाली गई। इस पारंपरिक आयोजन में लगभग 200 बराती शामिल हुए और रास्ते भर ग्रामीण इस अनोखी बरात को देखने के लिए जुटे रहे।
दुल्हन की विदाई कार से
विवाह का मुख्य समारोह दिन में संपन्न हुआ। हालांकि बरात पूरी तरह बैलगाड़ियों से हुई, दुल्हन मोहानी की विदाई कार से कराई गई। बराती अन्नू दीक्षित ने बताया कि यह क्षण भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास
दूल्हे के पिता जागेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आजकल शादियों में दिखावा बढ़ गया है, लेकिन उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति को प्राथमिकता दी। किसान परिवार होने के नाते, बैल और खेती उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं, इसलिए बेटे की बरात भी पारंपरिक तरीके से आयोजित की गई। उनका मकसद नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना है।
विवाह केवल रस्म नहीं, संस्कार है
दुल्हन के पिता विवेक पाठक ने बताया कि विवाह केवल एक रस्म नहीं बल्कि संस्कार है। मेहमानों का स्वागत पारंपरिक रीति से किया गया और सभी को बैठाकर भोजन कराया गया। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है, और यही उनकी जीवन शैली का हिस्सा है।
दुल्हन बीए पास, दूल्हा व्यापार में सक्रिय
दुल्हन मोहानी, 20 वर्ष की उम्र में बीए फाइनल की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। दूल्हा मोहित द्विवेदी न केवल ऑटोमोबाइल से संबंधित सामान की दुकान संचालित करते हैं बल्कि खेती-किसानी में भी परिवार की मदद करते हैं।
इस तरह, गुढ़ा गांव का यह विवाह समारोह ग्रामीण संस्कृति की मिसाल बन गया, जहां आधुनिकता और परंपरा का अनूठा मिश्रण देखने को मिला।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.