मनोज जरांगे के नाम पर 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप, ऑडियो क्लिप की जांच करेगी SIT

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
- कथित ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
- जांच टीम के कामकाज की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया है। यह टीम मामले से संबंधित एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच करेगी।
जरांगे ने जालना जिले की अंबड तहसील में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह ऑडियो क्लिप चलाया था। उन्होंने इसे कथित साजिश से जुड़ा बताते हुए जांच की मांग की और रिकॉर्डिंग में आवाज सुनाई देने वाले लोगों की पहचान उजागर करने की अपील की थी।
क्लिप के एक हिस्से में एक महिला कथित तौर पर दावा करती सुनाई देती है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले जरांगे के बढ़ते प्रभाव के संभावित राजनीतिक परिणामों पर चर्चा होने का भी दावा किया गया है। इन आरोपों की सत्यता जांच का विषय है।
SIT में कौन-कौन शामिल?
पुलिस आयुक्त देवेन भारती की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ऑडियो क्लिप में कुछ लोगों के नाम और कथित तौर पर बड़ी रकम के लेन-देन का उल्लेख होने के कारण मामले की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। साथ ही, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी।
SIT की अगुवाई दक्षिण प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवड़े करेंगे। पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और बजरंग बनसोडे को टीम में सदस्य बनाया गया है।
टीम को मामले की विस्तृत जांच करने, जरूरत के अनुसार अधिकारियों की नियुक्ति करने और जांच की प्रगति के बारे में समय-समय पर पुलिस आयुक्तालय को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
संजय राउत ने अमित शाह को पत्र लिखकर की जांच की मांग
इस मामले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और महाराष्ट्र पुलिस से तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही राउत ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) लागू करने की अपील भी की।
राउत के मुताबिक, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने 20 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य में भाजपा की कोर टीम के नेताओं से 500 करोड़ रुपये लिए थे। कथित आरोप के अनुसार, यह रकम सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे पाटिल को दी जानी थी, ताकि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले उनके आंदोलन को शांत किया जा सके।
500 करोड़ रुपये कहां गए? राउत ने उठाया सवाल
संजय राउत ने दावा किया कि कथित तौर पर बताई गई रकम कभी मनोज जरांगे पाटिल तक पहुंची ही नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा था, तो 500 करोड़ रुपये आखिर कहां गए।
जरांगे की ओर से जारी ऑडियो क्लिप को राउत ने स्पष्ट सबूत बताया है। हालांकि, कथित लेन-देन और रिकॉर्डिंग में किए गए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसी मामले की पड़ताल के लिए मुंबई पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.