अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में घुसपैठ और अवैध आव्रजन पर जीरो टॉलरेंस के दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- सम्मेलन में देशभर से करीब 850 अधिकारी शामिल हुए।
- MAC की खुफिया जानकारी के विश्लेषण में AI का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर पर चर्चा हुई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। सम्मेलन में देशभर से करीब 850 अधिकारी शामिल हुए। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठ और अवैध आव्रजन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में एजेंसियों को अधिक समन्वित और सख्त तरीके से काम करना होगा।
आतंकवाद से मुकाबले में AI के इस्तेमाल पर जोर
अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) में उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण में AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए AI की मदद से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके विश्लेषण और कार्रवाई में भी किया जाना चाहिए।
सुरक्षा चुनौतियों पर हुई चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर जैसे मुद्दों पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई। अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए गृह मंत्रालय की ‘प्रहार’ पहल को प्रभावी तरीके से लागू करने और सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज करने और उनके मामलों में जल्द मुकदमा चलाने के भी निर्देश दिए।
भगोड़ों और UAPA मामलों को लेकर निर्देश
अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को फरार आरोपियों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने यानी ट्रायल इन एब्सेंटिया के प्रावधान का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामलों की जांच में सभी एजेंसियों को मिलकर व्यापक स्तर पर काम करने के लिए कहा गया। इसके अलावा घुसपैठ रोकने के लिए एक व्यापक सुरक्षा ढांचा तैयार करने का निर्देश भी दिया गया।
मादक पदार्थ और साइबर अपराध पर भी फोकस
सम्मेलन में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक विजन दस्तावेज और साइबर अपराध से निपटने के लिए नए नीति ढांचे पर भी चर्चा की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का आयोजन 2021 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हर साल किया जा रहा है। इस बार भी सम्मेलन में बदलते सुरक्षा खतरों के बीच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, तकनीक के इस्तेमाल और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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