आनंदपुर धाम ट्रस्ट विवाद: कांग्रेस ने लगाया यौन शोषण और काले धन के आरोप

अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि ट्रस्ट में लंबे समय से अवैध गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। अहिरवार ने बताया कि ट्रस्ट के जरिए कथित रूप से काले धन को सफेद किया जा रहा है। उनके अनुसार, ट्रस्ट की सालाना आमदनी लगभग 700 से 800 करोड़ रुपये है। उन्होंने मामले में तीन आईएएस अधिकारियों – विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल – के नाम लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
यौन शोषण और जमीन कब्जे के आरोप
अहिरवार ने कहा कि ट्रस्ट में दलित और आदिवासी समुदाय के युवकों और महिलाओं का शोषण किया गया है। उनका आरोप है कि आश्रम में देह व्यापार का एक संगठित रैकेट चल रहा है और उनके पास इससे जुड़े वीडियो सबूत मौजूद हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने आदिवासियों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है।
गो-तस्करी और अपराधी गतिविधियों का दावा
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोग गो-तस्करी और गौ-हत्या जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उनके अनुसार, आश्रम में दूसरे राज्यों से आए आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोग भी मौजूद थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को डराने और शिकायतें दबाने के लिए किया जाता था।
प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल
अहिरवार ने बताया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस और कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी कोई कड़ा कदम नहीं उठा रहे। उन्होंने प्रशासनिक संरक्षण और राजनीतिक दबाव की आशंका जताई।
सीबीआई जांच और हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
अहिरवार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने और पीड़ितों को सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो कांग्रेस हाईकोर्ट का रुख करेगी। अहिरवार ने इसे मध्यप्रदेश का दूसरा “सच्चा सौदा” बताया और कहा कि मामला केवल एक आश्रम का नहीं बल्कि दलित-आदिवासियों की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
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