राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बोले- विरोध करना जिम्मेदारी, विकास रोकना नहीं

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने संविधान में सत्ता पक्ष और विपक्ष की तय जिम्मेदारियों का उल्लेख किया।
- उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने और देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में दिमागी नक्सल का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
केवडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान नेताओं ने संविधान में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका तय की थी। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन विपक्ष ने अपने कर्तव्य को छोड़कर अवरोध पैदा करने को ही राजनीति बना लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश विरोधी ताकतें भारत को बांटने की साजिश कर रही हैं और लोगों को आपस में लड़ाना चाहती हैं। देशवासियों को ऐसी ताकतों के प्रति सतर्क रहना होगा और एकजुट होकर उनका मुकाबला करना होगा।
शनिवार शाम गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने संविधान और लोकतंत्र की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों का विरोध करना चाहिए, न कि विकास के रास्ते में रुकावट बनना चाहिए।
राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ विपक्ष के हाथ मिलाने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने और देश के लोगों को गुमराह कर आपस में लड़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल, डॉ. अंबेडकर और अन्य देश निर्माताओं ने संविधान में सरकार तथा विपक्ष की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया था। इसके बावजूद आज विपक्ष विकास कार्यों में बाधा डालने को ही अपनी राजनीति मान रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष ने संविधान की मर्यादा को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
गौरतलब है कि कांग्रेस और INDI गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है। दीपावली से पहले इस प्रदर्शन को टालने के लिए दिल्ली के व्यापारी आग्रह कर रहे हैं। वहीं, विपक्ष लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने का लगाया आरोप
प्रधानमंत्री ने विरोधियों को आगाह करते हुए कहा कि देश को बांटने की साजिश करने वाली ताकतें भारत के लोगों को ही आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही हैं। एक दशक की निराशा के बाद अब ये ताकतें खुलकर सामने आ गई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि पर्दे के पीछे कौन किससे मिल रहा है और भारत विरोधी ताकतें किसे मदद पहुंचा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को इनके खिलाफ एकजुट होना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार की तरह करके अफवाहें फैलाई जा रही हैं और देश की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। अब देश को ऐसी ताकतों से निपटना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश से नक्सलवादियों का अंत हो चुका है, लेकिन दिमागी नक्सल का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। इससे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन ताकतों के खिलाफ मुकाबला जारी रहेगा और अब यह रुकने वाला नहीं है।
मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित भारत है। वर्ष 2047 तक एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ देश को सशक्त और समृद्ध बनाना है।
सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया। स्वतंत्रता एक यात्रा थी, जिसने हमें अपने देश का भविष्य खुद बनाने का अवसर दिया। गणतंत्र ने हमें सही दिशा दिखाई और संविधान ने हमारा मार्गदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के बिना भारत के मौजूदा स्वरूप की कल्पना करना मुश्किल है। हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक उन्होंने भारत को एकजुट और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश को भूगोल के साथ भावनाओं से भी जोड़ा
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत को केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक सूत्र में बांधा। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ और अयोध्या के राम मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के जरिए सरदार पटेल ने जो रास्ता दिखाया था, देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों में पहले हिंसा और नक्सलवाद के कारण खून बहता था, लेकिन आज वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के सदस्य एकता पर्व में अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री ने उनके बेहतर भविष्य की कामना की और उन जवानों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इन क्षेत्रों में रहकर बलिदान दिया और देश की सेवा की।
50 करोड़ लोगों के गरीबी रेखा से ऊपर आने का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में 50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। करोड़ों लोगों को पक्के घर मिले हैं और लाखों-करोड़ों घरों में शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों माताओं और बहनों का जीवन अब धुआं मुक्त हुआ है। इसके साथ ही देश के 100 करोड़ लोगों को जीवन सुरक्षा बीमा मिला है।
पीएम मोदी ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया स्थित एकता नगर में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सानिध्य में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने उपस्थित लोगों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समर्पित रहने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर भव्य एकता परेड भी आयोजित की गई।
परेड में देश के विकास और समृद्धि से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की थीम पर झांकियां निकाली गईं। आणंद और बनासकांठा की टीम ने 'सहकार से समृद्धि' का संदेश दिया। वहीं, वडोदरा की टीम ने 'वंदे शक्ति' के माध्यम से आधुनिक तकनीक और शक्ति का प्रदर्शन किया।
एकता परेड में भारतीय सेना के जवानों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों ने अपने प्रदेशों की लोककला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने रेन फॉरेस्ट और वृक्ष वाटिका का भ्रमण कर वहां की प्राकृतिक सुंदरता का भी अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ मौजूद रहे।
हर्ष संघवी ने एक्स पर साझा की तस्वीरें और जानकारी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद वनस्पतियों की विविधता और शांत प्राकृतिक वातावरण को देखा।
संघवी ने लिखा कि ये अनोखे हरित स्थल हमारी पारिस्थितिक विरासत को संरक्षित रखने के महत्व को दर्शाते हैं। साथ ही, ये लोगों को प्रकृति के करीब आने का अनुभव भी देते हैं। एकता नगर के केंद्र में प्रकृति, स्थिरता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सुंदर मेल देखने को मिलता है।
उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने, हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताने तथा स्काईवॉक के अनोखे अनुभव का भी उल्लेख किया।
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