बहराइच: नेपाल बॉर्डर से फर्जी आधार कार्ड रैकेट का सरगना गिरफ्तार

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एसटीएफ ने शुक्रवार को फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड प्रमोद कुमार निषाद को रजनवा नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया। प्रमोद नकली जन्म और निवास प्रमाण पत्र बनाकर आधार कार्ड तैयार करता था। अब तक उसके गिरोह ने ढाई हजार से अधिक फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं।
गिरोह का खुलासा और गिरफ्तारी
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से अवैध तरीके से फर्जी आधार कार्ड बनाने की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि इस रैकेट के कई सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके थे। प्रमोद नेपाल भागने की फिराक में था, जिसे एसटीएफ ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय उसके पास लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी दस्तावेज, बायोमैट्रिक और रेटिना स्कैनर, वेबकैम, एटीएम कार्ड, नकदी और एक कार बरामद हुई। उसे मुर्तिहा कोतवाली में पहले से दर्ज मामले में शामिल कर लिया गया।
पोर्टल के माध्यम से तैयार किए गए फर्जी आधार
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि उसने 2021 में जनसेवा केंद्र खोलकर ऑनलाइन फर्जी आईडी और आधार कार्ड बनाने का काम शुरू किया। उसने अकील सैफी से टेलीग्राम के जरिए पोर्टल और आईडी-पासवर्ड खरीदे। इसके बाद जनवरी से मार्च 2026 तक उसने लगभग 2,500 फर्जी आधार कार्ड तैयार किए।
प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने जानने वालों को भी पोर्टल और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए। एक आईडी के लिए वह 45,000 रुपये लेता था और अकील सैफी को 35,000 रुपये देता था। इसके माध्यम से रोजाना 20-25 आधार कार्ड बनाए जाते थे। कुल मिलाकर गिरोह ने 18-19 हजार आधार कार्ड अपडेट या तैयार किए।
आगे की कार्रवाई
एसटीएफ अब प्रमोद के बैंक खातों और वॉलेट की जांच कर रही है। इसके अलावा पोर्टल डेवलपर, आईडी सप्लायर और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बरामद लैपटॉप और अन्य उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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