यूपी में किसानों को बड़ी राहत, बिना राजस्व सत्यापन भी होगी गेहूं की खरीद

यूपी: प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू और तेज करने के लिए सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खाद्य एवं रसद विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि 30 अप्रैल 2026 तक पंजीकरण के दौरान भूमि के राजस्व या चकबंदी सत्यापन के बिना भी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा सकेगी। यह आदेश आयुक्त रणवीर प्रसाद द्वारा बुधवार शाम जारी किया गया।
अब तक किसानों को गेहूं बेचने से पहले पंजीकरण के साथ राजस्व और चकबंदी विभाग से भूमि सत्यापन कराना अनिवार्य था। सत्यापन में देरी, तकनीकी दिक्कतों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी, जिससे खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित होती थी।
नई व्यवस्था के तहत अब खरीद की जिम्मेदारी क्रय केंद्र प्रभारियों को दी गई है। वे किसानों द्वारा प्रस्तुत कंप्यूटरीकृत खतौनी, खसरा, चकबंदी अभिलेख, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की मौके पर जांच कर गेहूं की खरीद सुनिश्चित करेंगे।
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व और चकबंदी सत्यापन की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन इसके अभाव में खरीद को नहीं रोका जाएगा। इस फैसले को किसानों को तत्काल राहत देने और खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य बातें
- नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी
- 30 अप्रैल 2026 तक सत्यापन में छूट
- बिना राजस्व सत्यापन भी होगी गेहूं खरीद
- केंद्र प्रभारी करेंगे दस्तावेजों की जांच
- किसानों को मिलेगी त्वरित राहत, प्रक्रिया होगी तेज
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