यूपी में घर-दुकान बनाना हुआ सस्ता, छोटे निर्माण पर आधा होगा विकास शुल्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे मकान और दुकानों के निर्माण को लेकर बड़ी राहत देने वाला फैसला लागू कर दिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास (विकास शुल्क निर्धारण, उदग्रहण एवं संग्रहण) तृतीय संशोधन नियमावली-2026 जारी कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब छोटे मकान और छोटे व्यावसायिक निर्माण के लिए नक्शा पास कराते समय विकास शुल्क में 50% तक छूट दी जाएगी।
प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद की ओर से जारी इस नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद अब नई दरों के अनुसार ही शुल्क वसूलेंगे। साथ ही जहां सरकार द्वारा पूर्ण या आंशिक छूट दी गई है, वहां शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नई दरें शहरों के आकार और श्रेणी के अनुसार तय की गई हैं। बड़े शहरों में अधिक और छोटे शहरों में अपेक्षाकृत कम विकास शुल्क लागू होगा। उदाहरण के तौर पर गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 4165 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है। वहीं लखनऊ, कानपुर और आगरा को एक श्रेणी में रखते हुए 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क रखा गया है। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और अन्य शहरों के लिए 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की गई है।
अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ समेत कई शहरों में 1020 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर लागू होगी। वहीं अयोध्या, रायबरेली, बांदा और आजमगढ़ जैसे शहरों में यह दर 603 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई है। निकाय सीमा से बाहर निर्माण करने पर शुल्क में 20 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।
सरकार ने बड़े व्यावसायिक भूखंडों के लिए अलग प्रावधान किए हैं। नगर निकाय क्षेत्र में ऐसे भूखंडों पर 10% अधिक शुल्क देना होगा, जबकि नगर सीमा के बाहर 20% कम शुल्क लिया जाएगा। औद्योगिक उपयोग के लिए विकास शुल्क में 60% तक की छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं पर भी रियायती दरें लागू होंगी, जिससे फ्लैट की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
नई नीति का उद्देश्य निर्माण लागत कम करना, लोगों को वैध निर्माण के लिए प्रोत्साहित करना और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में व्यवस्थित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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