चैत्र नवरात्र: विंध्य धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, बारिश के बीच दर्शन जारी

विंध्याचल। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। खराब मौसम और बारिश के बावजूद मंदिर परिसर और गलियां जयकारों से गूंजती रहीं। भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद काली खोह स्थित महाकाली और अष्टभुजा मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
बारिश के बीच भी नहीं थमा श्रद्धा का सैलाब
सुबह से ही गरज-चमक के साथ हुई बारिश के कारण कई मार्गों पर कीचड़ और फिसलन रही, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भोर से ही मंदिर की गलियों में लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने मां की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन का क्रम दिनभर जारी रहा। मां का गुड़हल, कमल और गुलाब के फूलों से सजा दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं को आकर्षित करता रहा।
भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम
मंदिर परिसर में शंख, शहनाई और ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के बीच “जय मां विंध्यवासिनी” के जयकारे गूंजते रहे। परिक्रमा मार्ग पर साधक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अनुष्ठान करते दिखे। कई श्रद्धालुओं ने बच्चों का मुंडन संस्कार भी संपन्न कराया।
कपाट बंद होने पर जमीन पर बैठकर इंतजार
आरती और श्रृंगार के दौरान मंदिर के कपाट समय-समय पर बंद किए गए। इस दौरान श्रद्धालु कतारों में बैठकर धैर्यपूर्वक कपाट खुलने का इंतजार करते रहे।
फूलों और रोशनी से सजा मंदिर परिसर
नवरात्र के अवसर पर विंध्य धाम, अष्टभुजा पहाड़ और आसपास के मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिसकी छटा देखने लायक रही। श्रद्धालु इस भव्य सजावट को देखकर मंत्रमुग्ध नजर आए।
गंगा घाटों पर भी उमड़ी भीड़
धाम क्षेत्र के गंगा घाटों पर स्नान और पूजा के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुरक्षा के लिहाज से घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी टेंट की भी व्यवस्था की गई है।
वीआईपी दर्शन के लिए नई व्यवस्था लागू
नवरात्र मेले के दौरान जिला प्रशासन ने वीआईपी दर्शन के लिए पर्ची व्यवस्था लागू की है। अपर जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह के अनुसार, अब बिना अधिकृत पर्ची के कोई भी व्यक्ति वीआईपी दर्शन का लाभ नहीं ले सकेगा। इससे व्यवस्था पारदर्शी और नियंत्रित बनी रहेगी।
अष्टभुजा पहाड़ पर भी श्रद्धालुओं का तांता
अष्टभुजा पहाड़ स्थित देवी मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने महाकाली और अष्टभुजी देवी के दर्शन कर मंगल कामनाएं कीं। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल की ध्वनि और जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।





















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