दिल्ली से बिहार तक ठिठुरन, पहाड़ों पर बर्फबारी; कोहरे से जनजीवन प्रभावित

उत्तर भारत इस समय कड़ाके की सर्दी के चरम दौर से गुजर रहा है। घना कोहरा, गिरता तापमान और बढ़ता प्रदूषण मिलकर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मैदानी इलाकों में दृश्यता बेहद कम बनी हुई है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और फिलहाल ठंड से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।
दिल्ली-एनसीआर: ठंड के साथ प्रदूषण की मार
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20 से 22 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से 400 के बीच बना हुआ है, जिसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक PM2.5 का स्तर अधिक होने से सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कम हवा की गति के चलते प्रदूषक वातावरण में फंसे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश: शीत दिवस और घना कोहरा
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घने से बेहद घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है, जिससे कई जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। लखनऊ, वाराणसी और आगरा समेत कई शहरों में कोहरे के कारण यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पश्चिमी यूपी में प्रदूषण का स्तर भी ऊंचा बना हुआ है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर से जुड़ा माना जा रहा है।
पंजाब-हरियाणा: शीतलहर का असर
पंजाब और हरियाणा में ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। अमृतसर, चंडीगढ़ और हिसार में न्यूनतम तापमान 4 से 8 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शीतलहर की चेतावनी के साथ फसलों पर प्रतिकूल असर की आशंका भी जताई है। यहां भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, पर्यटकों में उत्साह
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। श्रीनगर, गुलमर्ग और शिमला जैसे इलाकों में ताजा बर्फबारी से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। तापमान शून्य से नीचे बने रहने के कारण ठंड और तेज हो गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में यह सर्दी का सबसे कठिन दौर है, जहां ठंड, कोहरा और प्रदूषण एक साथ चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
खराब मौसम से विमान सेवाएं प्रभावित
घने कोहरे और प्रतिकूल मौसम के चलते इंडिगो एयरलाइंस ने शनिवार को देश के विभिन्न हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 57 उड़ानें रद कर दीं। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार रविवार के लिए भी अब तक 13 उड़ानों को रद किया गया है, जिनमें अधिकांश खराब मौसम के पूर्वानुमान के कारण हैं।
रद की गई उड़ानों में दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, अमृतसर, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, पुणे और गया जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। इससे पहले भी दिसंबर की शुरुआत में उड़ान चालक दल के कार्य-समय और विश्राम नियमों के कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद की गई थीं।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को आधिकारिक रूप से कोहरे का मौसम घोषित किया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी उड़ान सेवाओं पर असर बने रहने की आशंका है।
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