अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर आधी रात को बवाल, TMC-BJP कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

HIGHLIGHTS
- कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शुक्रवार देर रात हंगामा हुआ।
- जन्मदिन समारोह के दौरान TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ।
- अभिषेक बनर्जी ने भाजपा समर्थकों पर ईंट-पत्थरों से हमला करने का आरोप लगाया।
रात दो बजे नारेबाजी के बाद आमने-सामने आए दोनों दलों के कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शुक्रवार रात करीब दो बजे विवाद शुरू हुआ। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई और किसी को चोर बताने वाले नारे लगाए गए। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और टीएमसी व भाजपा के कार्यकर्ता एक-दूसरे के सामने आ गए।
अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं को जमीन पर गिराकर ईंटों से पीटा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें कुछ लोग उनके बैनर और पोस्टर फाड़ते नजर आ रहे हैं।
सांसद के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद वह खुद घर से बाहर आए। इस दौरान उनकी पुलिस और भाजपा समर्थकों के साथ तीखी बहस हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।
एक कार्यकर्ता की हालत गंभीर, प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत
अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि भाजपा समर्थक रिवॉल्वर लेकर पहुंचे थे और उन्होंने पहले से हमले की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि उनके साथी तपस के अंगूठे के पास का हिस्सा बुरी तरह कुचल गया है। घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि केवल टांके लगाने से चोट ठीक नहीं होगी और प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की आंख के नीचे की हड्डी में फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई है।
छह महीने में सातवीं बार जान लेने की कोशिश का दावा
टीएमसी सांसद ने कहा कि उन पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने जून में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 19 जून को दिल्ली से लौटते समय सोनारपुर में कुछ लोग बंदूक लेकर पहुंचे थे और उनकी जान लेने की कोशिश की थी। उनके कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही आरोपियों को पकड़ लिया था। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीनों के दौरान उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक न तो पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है और न ही न्यायिक स्तर पर कोई हस्तक्षेप हुआ है। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर भी इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा कि जब एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, तो पश्चिम बंगाल में आम लोगों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को बताया ड्रामा
इस पूरे मामले पर भाजपा ने अलग रुख अपनाया है। पार्टी ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे नाटक बताया है। बंगाल भाजपा के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाते देखा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई रात के समय हंगामा करता है तो उसका विरोध होना स्वाभाविक है। अभिषेक बनर्जी को कौन मारना चाहेगा? अब कुछ बचा नहीं है, इसलिए लोगों को गुमराह करने के लिए भावनात्मक बयान दिए जा रहे हैं।
घर और कार्यालय की निगरानी किए जाने का भी लगाया था आरोप
अभिषेक बनर्जी ने इस घटना से एक दिन पहले भी गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोग लगातार दो दिनों से उनके कार्यालय और आवास पर नजर रख रहे थे। जब इन लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया।
बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए इस कथित निगरानी की तत्काल जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि राज्य पुलिस एक निर्वाचित सांसद के घर और कार्यालय की निगरानी क्यों कर रही है और इसके लिए किसने अनुमति दी है।
उन्होंने इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कोलकाता पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और पश्चिम बंगाल पुलिस के संज्ञान में लाने की बात भी कही थी।
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