इटली में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती, हिंसा करने पर 5 साल की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माना

HIGHLIGHTS
- हिंसा के दौरान चेहरा ढकने या किसी को घायल करने पर सजा बढ़ाई जा सकती है।
- पुलिस को पर्याप्त सबूत होने पर 14 से 17 साल के संदिग्ध युवाओं को अपराध से पहले हिरासत में लेने का अधिकार मिला है।
- मिलान में 2026 के अंत तक पुलिस के साथ सेना के 500 जवान तैनात किए जाएंगे।
रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान होने वाली हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा नियमों को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत हिंसा करने वालों को पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो (करीब 18 लाख रुपये) तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, नाबालिगों की ओर से की गई तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराने का प्रावधान भी किया गया है।
ये नियम मंगलवार से लागू हो गए हैं। हाल ही में उत्तरी इटली के शहरों में युवाओं के समूहों द्वारा दुकानों में लूटपाट, खिड़कियां तोड़ने और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह कदम उठाया है।
नए सुरक्षा नियमों में क्या-क्या प्रावधान हैं?
नए नियमों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कम से कम पांच लोगों का कोई समूह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है, तो उसे पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। हिंसा के दौरान चेहरा ढकने या किसी व्यक्ति को घायल करने पर सजा और बढ़ाई जा सकती है।
तोड़फोड़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने का आदेश भी दिया जाएगा। यदि 14 से 17 वर्ष की उम्र के नाबालिग तोड़फोड़ में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
नए प्रावधानों के तहत पुलिस को 14 से 17 वर्ष की उम्र के उन संदिग्ध युवाओं को अपराध करने से पहले हिरासत में लेने का अधिकार भी दिया गया है, जिनसे खतरा होने के पर्याप्त सबूत मौजूद हों। इससे पहले यह प्रावधान केवल वयस्कों पर लागू था।
'तोड़फोड़ और चोरी करना कोई क्रांतिकारी काम नहीं'
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने नए नियमों की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पर कहा, 'तोड़फोड़ और चोरी करना कोई क्रांतिकारी काम नहीं है। यह विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सीधा अपराध है।'
आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए मेलोनी ने कहा, 'हम जानते हैं कि नौकरी खोजना, कम वेतन पाना और भविष्य को लेकर अनिश्चित होना क्या होता है... लेकिन मुश्किल हालात का इस्तेमाल कभी भी हिंसा को सही ठहराने के बहाने के रूप में नहीं किया जा सकता।'
मिलान में सेना के 500 जवानों की तैनाती
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 2026 के अंत तक मिलान में पुलिस के साथ सेना के 500 जवान तैनात करने का फैसला किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये जवान शहर के संवेदनशील इलाकों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों की निगरानी करेंगे।
अशांति और महंगाई के मुद्दे पर सरकार पर दबाव
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मेलोनी प्रशासन को कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी इटली में डीजल की बढ़ती कीमतों और जीवन-यापन की लागत से नाराज ट्रक ड्राइवरों ने सड़कें जाम कर दी हैं। इससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
कुछ पास्ता निर्माताओं ने उत्पादन रोक दिया है, जबकि कृषि समूहों ने फल और सब्जियों के खराब होने की आशंका जताई है। सरकार ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद सड़क परिवहन से जुड़े लोगों को अतिरिक्त सहायता देने का वादा किया है।
वर्ष 2022 में पदभार संभालने के बाद से मेलोनी ने सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाए हैं। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि केवल सजा सख्त करने से अपराध के मूल कारणों को समाप्त नहीं किया जा सकता।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में इटली की जेलों में कैदियों की संख्या 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। इस दौरान कैदियों की संख्या में करीब 10 हजार की वृद्धि हुई है।
वर्ष 2027 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले सार्वजनिक व्यवस्था और बढ़ती महंगाई को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन मेलोनी सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
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