रोहन राठी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग, एसएसपी कार्यालय पहुंचे भाकियू और ग्रामीण

HIGHLIGHTS
- 24 सितंबर को रोहन राठी का शव हरैटी गांव के जंगल में खेत के पास मिला था।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला हत्या का पाया गया और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी।
मुजफ्फरनगर। रोहन राठी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। हरैटी गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने वाहनों को परिसर के अंदर जाने से रोका, जिसके बाद किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारी अब तक हुई पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
बुधवार को भाकियू कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी कार्यालय सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरैटी गांव निवासी रोहन राठी ग्राम प्रधान विवेक राठी के बेटे थे। 24 सितंबर को उनका शव गांव के जंगल में एक खेत के पास मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला हत्या का पाया गया। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, रोहन के परिजन और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। वे हत्याकांड का सही खुलासा करने और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
लखनऊ की टीम ने घटनास्थल पर किया सीन रीक्रिएशन
मामले की जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। हाल ही में लखनऊ से पहुंची मेडिकोलीगल टीम ने एसआईटी और साइबर टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने के लिए घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन भी किया गया। इसके बावजूद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की शंकाएं दूर नहीं हुई हैं।
सीबीआई जांच और असली दोषियों पर कार्रवाई की मांग
रोहन राठी हत्याकांड को लेकर इससे पहले भी गांवों में पंचायतें हो चुकी हैं। भाकियू और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसएसपी कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी थी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मामले की सीबीआई जांच, वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आ रहे सवालों के जवाब देना शामिल है।
ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक वे अपनी मांग उठाते रहेंगे। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने एसएसपी कार्यालय और शहर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
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