भरत तिवारी एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर सुधाकर सिंह को मानहानि नोटिस, 5 करोड़ के मुकदमे की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- सुधाकर सिंह ने 15 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर कानूनी नोटिस मिलने की जानकारी दी।
- नोटिस में सार्वजनिक माफी की मांग किए जाने की बात कही गई है।
- सांसद ने पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच पर जोर दिया।
पटना/बक्सर। भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर और जमुई की घटना को लेकर सवाल उठाने वाले बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह को कानूनी नोटिस भेजा गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन की ओर से उनके वकील ने यह नोटिस भेजा है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
नोटिस में सार्वजनिक माफी की मांग
सुधाकर सिंह के मुताबिक, नोटिस में उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने और पांच करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है।
‘धमकियों से मेरी आवाज नहीं दबेगी’
नोटिस मिलने के बाद राजद सांसद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस तरह की धमकियों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जनहित के मुद्दों पर उठाए गए सवालों से बचने के लिए उन्हें नोटिस भेजा गया है।
सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि वह किसी सत्ता, वर्दी या पद के दबाव में आकर अपनी आवाज बंद नहीं करेंगे।
एनकाउंटर को लेकर फिर उठाए सवाल
सांसद ने भरत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े अपने सवालों को दोहराया। उन्होंने पूछा कि तिवारी की जान किन परिस्थितियों में गई और गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उनके मुताबिक, इस मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सुधाकर सिंह ने तर्क दिया कि कोई सामान्य पुलिसकर्मी किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के बिना हत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि घटना के समय कुंदन कृष्णन बिहार एसटीएफ के डीजी थे। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की भूमिका, अधिकारियों के बीच हुए संवाद और उनके फैसलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग
राजद सांसद ने सरकार से भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में केवल छोटे पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराकर मामला समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पूरी पड़ताल होनी चाहिए।
सुधाकर सिंह ने अंत में भरत तिवारी के परिवार और जमुई मामले की पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
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