इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर चुनाव आयोग की कार्रवाई, सात जवानों पर गिरी गाज

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने अपनी सख्ती दिखाई है। आयोग ने 7 अर्धसैनिक बल के जवानों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की, जिन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार पार्टी में भाग लिया, जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है। इस कदम को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
मामला और कार्रवाई
चुनाव आयोग के अनुसार यह घटना मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता इलाके में रमजान के दौरान हुई। आरोप है कि जवान स्थानीय पंचायत प्रधान के पति द्वारा आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आयोग ने संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
जांच के बाद:
- दो जवानों को केंद्रीय बल की कस्टडी में रखा गया
- पांच जवानों को राज्य से बाहर ट्रांसफर किया गया
नियमों का उल्लंघन
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी को स्थानीय सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने या मेहमाननवाजी स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि सुरक्षा बल पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
जवानों का पक्ष और जांच
संबंधित जवानों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इफ्तार कार्यक्रम बीएसएफ कैंप के अंदर आयोजित हुआ था और इसमें स्थानीय प्रतिनिधियों को ही बुलाया गया था। हालांकि विभागीय जांच के बाद आयोग ने कार्रवाई को सही ठहराया। अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर ही नियमों के अनुसार कदम उठाए गए हैं।
चुनाव आयोग की सख्ती
आयोग ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में तैनात बलों को पूरी तरह निष्पक्ष रहना होगा और किसी भी तरह का संपर्क स्थानीय पक्षों से नहीं होना चाहिए। इसके लिए जीपीएस ट्रैकिंग और बॉडी कैमरा जैसी निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है।
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को आएंगे। आयोग ने साफ किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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