संभल में 46 साल से बंद कुएं की खोदाई शुरू, 1978 के दंगों में चर्चित रहा था यह स्थान

संभल कोतवाली क्षेत्र के एकता पुलिस चौकी इलाके में स्थित एक पुराने बंद कुएं की करीब 46 वर्ष बाद खुदाई शुरू कर दी गई है। बुधवार को नगर पालिका टीम ने मौके पर काम प्रारंभ किया, जबकि सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कुएं के पास खड़े एक बड़े पेड़ को हटाने की तैयारी भी चल रही है और इसके लिए वन विभाग को सूचना भेजी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुआँ 1978 के दंगों के दौरान काफी चर्चा में रहा था। इधर, महिष्मती नदी के किनारे हुए अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए भी सर्वे शुरू कर दिया गया है। नगर पालिका की टीम विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि किन स्थानों पर कब्जे किए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। नदी के पुनरुद्धार पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सर्वे की शुरुआत हल्लू सराय से की गई है।
तीर्थों और कूपों के सौंदर्यीकरण पर 12 करोड़ रुपये की योजना तैयार
संभल में स्थित 68 तीर्थ स्थलों और 19 कूपों के सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। शासन की परियोजनाओं और 15वें वित्त आयोग के तहत इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है, जिसकी मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है। बजट जारी होते ही नगर पालिका कार्य प्रारंभ कर देगी।
कुछ कूपों के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है, जबकि कई स्थानों पर सुधार कार्य पहले ही गति पकड़ चुका है। मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी के पंचाग्नि कूप पर 14.96 लाख रुपये, सरायतरीन स्थित रसोदक कूप पर 14.60 लाख रुपये और मोहल्ला कोट पूर्वी के ऋषिकेश कूप पर 18.20 लाख रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
वंदन योजना के अंतर्गत विमल कूप, कृष्ण कूप, विष्णु कूप, अकर्ममोचन कूप, मृत्युंजय कूप, बलि कूप और सप्तसागर कूप के सौंदर्यीकरण के लिए 1.23 करोड़ रुपये का अलग प्रस्ताव तैयार किया गया है।
तीर्थ स्थलों पर बड़े पैमाने पर कार्य प्रस्तावित
नगर स्थित सूर्यकुंड तीर्थ पर पूर्व में पर्यटन विभाग द्वारा कार्य कराया जा चुका है। झील, पोखर, तालाब योजना के तहत 1.99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से 50 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। शंखमाधव तीर्थ पर भी कुछ कार्य प्रगति पर है।
वंदन योजना के अंतर्गत शेष तीर्थों पर 89 लाख रुपये के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव है। यमघट तीर्थ पर 1.18 करोड़ रुपये का कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसी योजना में पाप मोचन तीर्थ के लिए 74 लाख रुपये, मृत्युंजय तीर्थ के लिए 1.15 करोड़ रुपये तथा मत्स्योदरी, भद्रकाश्रम और अन्नतसागर तीर्थों के लिए 2.69 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं।
वैश्विक नगरोदय योजना में भागीरथी तीर्थ के सौंदर्यीकरण पर 1.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
चतुर्मुख कूप का सौंदर्यीकरण पूरा
नगर पालिका ने राज्य वित्त आयोग से प्राप्त बजट से मोहल्ला आलम सराय में स्थित चतुर्मुख कूप का सौंदर्यीकरण पूरा करा दिया है। 20.56 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूरा हुआ और कूप का स्वरूप अब पूरी तरह बदला नजर आ रहा है।
नगर पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी के अनुसार, “तीर्थों और कूपों के सौंदर्यीकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, जिनकी मंजूरी मिलने के बाद शेष कार्य भी शुरू कर दिए जाएंगे। वहीं, महिष्मती नदी पर अतिक्रमण चिह्नित करने का सर्वे भी जारी है।”
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