फिरोजाबाद: परीक्षा के तनाव में 16 वर्षीय छात्रा की मौत, परिवार और गांव में शोक

फिरोजाबाद: इंटरमीडिएट की 16 वर्षीय छात्रा सौम्या की मौत ने परिवार और मोहल्ले में गहरा शोक पैदा कर दिया है। मोहल्ला मझौआ निवासी सौम्या सोमवार को अपने जीव विज्ञान के पेपर की तैयारी में लगी थी, लेकिन अत्यधिक तनाव और शारीरिक अस्वस्थता के कारण अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार के अनुसार, सौम्या पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और आईएएस बनने का सपना देख रही थी। रविवार की देर रात और सोमवार सुबह तक कड़ी तैयारी करने के बाद भी जब परीक्षा के लिए जाने का मन हुआ, तब अचानक उसका ब्लड प्रेशर गिर गया। स्थानीय चिकित्सक ने इसे तनाव का असर बताया और परिजनों ने उसे परीक्षा देने से रोक दिया। यह निर्णय सौम्या के लिए भारी पड़ गया, और उसे अपने सपनों के बीच साल खो जाने का डर सताने लगा।
सौम्या के पिता संजय कुमार ने बताया, “मेरी बेटी प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती थी। वह रातभर जागकर पढ़ती थी ताकि परिवार का नाम रोशन कर सके। परीक्षा नहीं दे पाने का तनाव उसे सहन नहीं हुआ।”
तीन भाइयों की इकलौती बहन सौम्या मोहल्ले में भी प्रेरणा का स्रोत थी। उसके लगन और मेहनत को देखकर गांव के अन्य लोग अपनी बेटियों की पढ़ाई में उत्साहित होते थे। सौम्या के पिता किसान हैं और मां गृहिणी। बड़े भाई शिवम मोबाइल की दुकान चलाते हैं।
डीआईओएस धीरेंद्र कुमार ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की कि परीक्षा का तनाव बच्चों पर हावी न होने दें। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे की तबीयत खराब हो तो उसे परीक्षा देने के लिए न मजबूर करें। एक साल की कीमत किसी जीवन से बड़ी नहीं होती। बच्चों को समझाएं कि उनके नंबर या परिणाम से ज्यादा उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है।
डीआईओएस ने सुझाव दिया कि अभिभावक बच्चों की तुलना दूसरों से न करें और अगर बच्चा अचानक चुप रहने लगे, कम खाए, चिड़चिड़ा हो जाए या नींद न आए, तो इसे गंभीर संकेत मानकर प्यार और समझदारी से बात करें।
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