रोहाना टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों के फ्री मैसेज पर रोक, किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने जताई आपत्ति

HIGHLIGHTS
- पिछले महीने रोहाना टोल प्लाजा का ऑडिट हुआ था
- स्थानीय गांवों के पात्र वाहनों को निशुल्क आवागमन की सुविधा मिलती है
- निर्धारित सीमा से अधिक वाहनों पर फ्री मैसेज रोक दिया गया
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे-59 स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों के लिए भेजे जाने वाले निशुल्क पास मैसेज पर रोक लगा दी गई है। टोल प्रशासन के इस फैसले से कुछ किसान यूनियन नेताओं में नाराजगी सामने आई है।
हाल ही में एक किसान यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ता टोल प्रशासन से मिलने पहुंचे। उन्होंने निजी वाहनों के लिए फ्री मैसेज की व्यवस्था दोबारा शुरू करने की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने रोहाना टोल प्लाजा का ऑडिट हुआ था। इस दौरान स्थानीय गांवों के वाहनों को मिलने वाली निशुल्क सुविधा की समीक्षा की गई।
बताया जा रहा है कि रोहाना कलां, रोहाना खुर्द, निहालखेड़ी, घलोली, रणखंडी, रोहाना मिल और बहेड़ी सहित गांवों के पात्र वाहनों को नियमानुसार निशुल्क आवागमन की सुविधा मिलती है। ऑडिट के बाद टोल प्रशासन ने निर्धारित सीमा से अधिक वाहनों को फ्री पास देने से इनकार कर दिया और ऐसे मैसेज पर रोक लगा दी।
फ्री मैसेज पर प्रतिबंध के बाद किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और टोल मैनेजर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं ने निजी वाहनों के लिए निशुल्क मैसेज जारी करने की मांग रखी।
टोल मैनेजर ने क्षमता से अधिक वाहनों को निशुल्क निकालने के मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सुविधा नियमों के अनुसार ही दी जाएगी। काफी देर तक बातचीत के बावजूद तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका।
स्थानीय वाहनों के लिए निशुल्क आवागमन की व्यवस्था को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। ऑडिट के बाद टोल प्रशासन की सख्ती से इस पूरी प्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पात्र ग्रामीणों को नियमों के तहत सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
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