गाजियाबाद में बढ़ते सड़क हादसे: चार साल में 1500 से ज्यादा लोगों की गई जान

गाजियाबाद में तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी लगातार लोगों की जान ले रही है। सुरक्षित सफर के लिए वाहन चलाते समय सावधानी और नियमों का पालन बेहद जरूरी है, लेकिन कई चालक लापरवाही बरतते हैं, जिसके चलते गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
शुक्रवार देर रात वेव सिटी थाना क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर हुआ हादसा भी इसी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर जहां वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना प्रतिबंधित है, वहीं दोपहिया वाहनों का प्रवेश भी निषिद्ध है। इसके बावजूद एक ट्रक चालक ने अपना वाहन सड़क किनारे खड़ा कर दिया, जबकि दूसरी ओर एक दोपहिया चालक एक्सप्रेसवे पर पहुंच गया। इस लापरवाही के कारण हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।
चार साल में 1500 से ज्यादा मौतें
जिले में बीते चार वर्षों के दौरान करीब चार हजार सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में 1509 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग तीन हजार लोग घायल हुए हैं। पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर कई दावे और अभियान चलाए जाने के बावजूद दुर्घटनाओं की संख्या में अपेक्षित कमी नहीं आई है।
पिछले वर्ष पुलिस ने एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से प्रमुख सड़कों का सर्वे भी कराया था। सर्वे के आधार पर सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सुधार और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी।
मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा
दुर्घटनाओं के आंकड़े बताते हैं कि सड़क हादसों में कमी आने के बजाय बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2022 में जहां 363 लोगों की मौत हुई थी, वहीं पिछले साल यह संख्या बढ़कर 400 तक पहुंच गई। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा के लिए और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
‘जीरो फेटेलिटी कॉरिडोर’ बनाने की पहल
हादसों को कम करने के लिए पुलिस ने करीब तीन महीने पहले ‘जीरो फेटेलिटी कॉरिडोर’ बनाने की योजना शुरू की है। इसके तहत मेरठ रोड पर मोदीनगर क्षेत्र और एनएच-9 पर आईएमएस से डासना तक के हिस्से को चिन्हित किया गया है। इन मार्गों पर संकेतक लगाने, गति नियंत्रण और अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष टीम भी बनाई गई है।
इसके अलावा मुरादनगर से गाजियाबाद के बीच मेरठ रोड पर लगभग डेढ़ वर्ष पहले स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद हादसों में अपेक्षित कमी नहीं आई है।
प्रमुख सड़क हादसे
हाल के वर्षों में कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं।
अक्टूबर 2025 में जीटी रोड पर राकेश मार्ग कट के पास तेज रफ्तार कार ने तीन महिलाओं को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
नवंबर 2025 में जीटी रोड पर तेज रफ्तार इनोवा की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की जान चली गई।
मार्च 2024 में डीएमई पर एक स्कूली वैन खड़े डंपर से टकरा गई थी, जिसमें चालक और एक बच्चे की मौत हो गई थी।
जुलाई 2023 में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर विपरीत दिशा में आ रही स्कूली बस की टक्कर से कार सवार छह लोगों की मौत हुई थी।
जून 2024 में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर खड़े कैंटर में ट्रक की टक्कर से चार लोगों की जान चली गई थी।
सड़क सुरक्षा पर पुलिस का फोकस
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के अनुसार सड़क हादसों को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार कराया जा रहा है और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
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