किसानों के हित में संरक्षणवादी कृषि नीति अपनाए सरकार: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने माघ मेला में आयोजित किसान पंचायत में कहा कि अमेरिका भारत सरकार पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर दबाव न डाले। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। ऐसे में सरकार को किसानों के हितों की रक्षा के लिए संरक्षणवादी कृषि नीति अपनानी चाहिए।
किसान पंचायत में राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में देश के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी शर्तों वाले किसी भी मुक्त व्यापार समझौते का भारतीय किसान यूनियन विरोध करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित और किसान हित से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों में संगठन सरकार के साथ है, लेकिन किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंचायत में किसानों के मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बढ़ती लागत, कृषि उत्पादों के उचित दाम, बिजली और सिंचाई की समस्या, आवारा पशु और कृषि नीति शामिल थे। उपस्थित वक्ताओं ने संकल्प लिया कि भारतीय किसान यूनियन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी और संगठन को देशभर में मजबूत किया जाएगा।
पंचायत की अध्यक्षता यूपी प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा ने की और संचालन मध्यांचल अध्यक्ष शालिग्राम यादव ने किया। बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें उड़ीसा के प्रदेश अध्यक्ष सॉरी कुमार साहू, मध्य प्रदेश के अनिल यादव, हरियाणा के राजारामजी ढुल, छत्तीसगढ़ के तेजराम विद्रोही, राजवीर सिंह जादौन, घनश्याम वर्मा और ओमपाल मलिक शामिल थे।
राकेश टिकैत ने आगामी कार्यक्रमों का विवरण देते हुए बताया कि भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल 11 से 15 फरवरी तक कर्नाटक में विभिन्न किसान संगठनों और किसानों के साथ संवाद करेगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं और आंदोलन को मजबूत करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में 16 फरवरी को सीतापुर, 17 फरवरी को बाराबंकी, 18 फरवरी को बहराइच, 19 फरवरी को फतेहपुर, 20 फरवरी को मथुरा में किसान पंचायतों का आयोजन होगा। 21 फरवरी को अमरोहा, बिजनौर और मुरादाबाद में संयुक्त विशाल किसान पंचायत होगी। 22 फरवरी को मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और मेरठ जनपदों की संयुक्त किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।
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