उत्तराखंड के 206 मदरसों में अब शुक्रवार को नहीं होगी छुट्टी, लागू होंगे स्कूलों जैसे नियम

HIGHLIGHTS
- राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- प्रदेश के 76 मदरसों को अब तक शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है।
- 114 अन्य मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।
उत्तराखंड में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने वाले और इसके लिए आवेदन कर चुके 206 मदरसों में अब शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश नहीं रहेगा। इन संस्थानों में अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित साप्ताहिक छुट्टी की व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस संबंध में राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने वाले या इसके लिए आवेदन करने वाले मदरसों को विभाग के निर्धारित मानकों और शैक्षिक व्यवस्था का पालन करना होगा। इसी के तहत शुक्रवार की छुट्टी में बदलाव किया जा रहा है।
इस व्यवस्था का दायरा उन मदरसों तक भी होगा, जो मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ने के लिए मान्यता लेने की प्रक्रिया में हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य मदरसा शिक्षा को निर्धारित शैक्षिक मानकों के अनुरूप बनाना और विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
प्रदेश के 76 मदरसों को मिल चुकी है मान्यता
उत्तराखंड में अब तक 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। इनमें हरिद्वार के 270 में से 44, ऊधमसिंह नगर के 119 में से 24, देहरादून के 41 में से छह और नैनीताल के 18 में से दो मदरसे शामिल हैं।
इसके अलावा 114 अन्य मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के लिए आवेदन किया है।
206 मदरसों के 30 हजार से अधिक बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़े
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बीच 206 मदरसों के 30 हजार से अधिक बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ चुके हैं। इन संस्थानों में अब सामान्य विद्यालयों की तरह शैक्षिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पहले मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यालयी शिक्षा भी प्रदान की जा रही है।
डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि शिक्षा विभाग से मान्यता लेने से पहले मदरसों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश रहता था। हालांकि, यह सामने आया कि मान्यता मिलने के बाद भी कुछ मदरसे पहले की तरह शुक्रवार को छुट्टी रख रहे थे। इस व्यवस्था को रोकने के लिए शिक्षा महानिदेशक को पत्र लिखा गया है।
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत ने कहा कि मदरसों को स्कूल की मान्यता दी गई है, इसलिए उन्हें राजकीय विद्यालयों में लागू नियमों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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