परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच तेज, मानसा पहुंची CBI की पांच सदस्यीय टीम

HIGHLIGHTS
- CBI ने चंडीगढ़ में मामले को लेकर FIR दर्ज की है।
- जांच टीम ने मामले के जांच अधिकारी से पूछताछ की और अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
- अश्विनी कुमार के हथियार लाइसेंस, मेडिकल लाइसेंस और अन्य कागजातों की जांच की गई।
मानसा। एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से परिवार को आश्वासन दिए जाने के बाद जांच तेज हो गई है। मंगलवार देर रात करीब 12 बजे CBI की टीम मानसा के थाना सिटी-2 पहुंची। गृह मंत्री के दौरे के लगभग आठ घंटे के भीतर जांच एजेंसी की सक्रियता सामने आई।
CBI की टीम का नेतृत्व वरिष्ठ DIG कर रहे हैं। बुधवार को टीम ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए। जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोलरों और अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। ये विशेषज्ञ घटना से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल करेंगे, ताकि हत्या के मामले में अहम तथ्यों का पता लगाया जा सके।
CBI ने इस मामले में चंडीगढ़ में FIR दर्ज की है। इसके बाद पांच सदस्यीय विशेष टीम मानसा के थाना सिटी-2 पहुंची और परविंदर झोटा हत्याकांड से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। टीम ने मामले के जांच अधिकारी से भी लंबे समय तक पूछताछ की। इसके अलावा, अश्विनी कुमार के हथियार लाइसेंस, मेडिकल लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की करीब डेढ़ घंटे तक जांच की गई।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में PGI चंडीगढ़ में होगा दोबारा पोस्टमार्टम
दूसरी ओर, परविंदर सिंह झोटा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया चंडीगढ़ स्थित PGI में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की ओर से पूरी की जाएगी। पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद से उनके परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था। अब CBI जांच शुरू होने के बाद जल्द ही अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।
घटनास्थल का निरीक्षण करेगी CBI टीम
CBI की टीम परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह के बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही घटनास्थल का दौरा कर आरोपी अश्विनी कुमार से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना से ठीक पहले अश्विनी कुमार ने किन लोगों से फोन पर बातचीत की थी। इसके लिए उसकी कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। इसके अलावा, परविंदर सिंह झोटा ने नशा बेचने वाले केमिस्टों के खिलाफ जो साक्ष्य जुटाए थे, उन्हें भी CBI अपने कब्जे में लेगी।
हमले में घायल लोगों से भी हो सकती है पूछताछ
मामले की गहराई से जांच करने के लिए CBI की टीम हमले में घायल हुए अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया था कि CBI 120 दिनों के भीतर मामले को सुलझा देगी। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और प्रशासन जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दे रहे हैं।
इस बीच, DSP पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में मुकदमा नंबर 269 दर्ज किया गया था। परिवार ने CBI जांच की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जांच CBI को सौंप दी। इसी मामले की जांच के लिए एजेंसी की टीम मानसा पहुंची है।
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