भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत, शेख हसीना का भारत में रहना उनका निजी फैसला: जयशंकर

नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर जारी राजनीतिक चर्चा के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत में उनकी मौजूदगी पूरी तरह उनकी निजी पसंद पर आधारित है और यह पिछले साल बांग्लादेश में हुई घटनाओं से जुड़ी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत बांग्लादेश का भरोसेमंद और मित्रवत पड़ोसी है।
बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग उठाई गई थी, लेकिन भारत ने इस पर कोई सहमति नहीं दी है। हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी।
एक कार्यक्रम में पूछे जाने पर कि क्या हसीना भारत में अपनी इच्छा अनुसार रह सकती हैं, जयशंकर ने कहा, "यह फैसला उनका व्यक्तिगत है। वह विशेष परिस्थितियों में भारत आई थीं और आगे क्या होगा, यह उन्हीं परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।" उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर कहा कि भारत हमेशा यह सुनिश्चित करेगा कि उसके पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत रहे।
पुतिन की यात्रा पर भारत का संदेश
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 सालों में सबसे स्थिर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुतिन की यात्रा अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते पर असर नहीं डालेगी। उन्होंने कहा, "भारत सभी बड़े देशों के साथ संबंध रखता है, और किसी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह हमारे निर्णयों पर रोक लगा सकता है।"
अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पर भारत का रुख
जयशंकर ने कहा कि भारत व्यापार वार्ता में अपने राष्ट्रीय हितों और शर्तों के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, बल्कि यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है। अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क और रूसी तेल पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा। भारत और अमेरिका इस समय एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखा जाएगा।
रणनीतिक स्वतंत्रता पर जोर
पुतिन की यात्रा के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि एक बड़े और उभरते देश के रूप में भारत सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा। उन्होंने कहा, "हमारी विदेश नीति की नींव है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता। यही हमारी प्राथमिकता बनी रहेगी।"
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